रिपोर्ट – मो. अरशद
नगर में महाराजा गुहराज निषाद राज की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई।
आजमगढ़ : – इस बार कोरोना महामारी के बाद जयंती पर निषाद राज की शोभायात्रा अजमतगढ़ बाजार में निकाली गई। अनुयाइयों ने गुहराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
मंगलवार को अजमतगढ़ नगर पंचायत में हवन यज्ञ के साथ निषादराज की जयंती मनाई गई। शुभारंभ निषाद समाज के लोगों ने किया। कार्यकर्ताओं ने निषादराज के जीवन पर प्रकाश डाला। निषाद समाज के लोगों ने कहा कि इस देश के मूल निवासी निषाद वंश के लोग हैं। देश की सभ्यता व संस्कृति निषाद संस्कृति रही है। दुनिया की खोज करने वाला कोलंबस व वास्कोडिगामा निषादवंशीय थे। भारत में आर्यों के आगमन के पूर्व निषाद सभ्यता व संस्कृति चरम पर थी, परंतु आर्यों के आगमन के बाद निषादों की सभ्यता व संस्कृति नष्ट कर दी गई। देश के स्वाधीनता संग्राम में निषादों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
समारोह में चेयरमैन पारसनाथ सोनकर , सोहराब अहमद ,
धर्मेंद्र सोनकर ,रमेश चतुर्वेदी,सहादुर निषाद, बहादुर निषाद, सत्यदेव निषाद, चन्द्रिका निषाद, कोदई निषाद,गुड्डू निषाद,रामभवन निषाद, दुर्गा निषाद,प्रदीप साहनी,चन्द्रमा निषाद ,सुबाष निषाद आदि लोग मौजूद रहे।
