प्रयागराज : बहुजन समाज पार्टी के बौद्धिक वर्गो, शुभचिंतको, समर्पित कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के आम चुनाव-2022 में करारी पराजय पर शिक्षक नेता पूर्व मुख्य प्रभारी/ पूर्व जिला संयोजक शैडो बामसेफ कुँवर जीत इलाहाबादी ने एक बयान जारी करते हुए बहुजन समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व बसपा प्रमुख, पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती से निवेदन के साथ एक दस सूत्रीय सुझाव देते हुये बताया कि मान्यवर कांशीराम साहब के बामसेफ को पुनः सक्रिय किया जाए तथा बूथ, सेक्टर, विधानसभा, जिला, मंडल एवं प्रदेश स्तरीय बामसेफ कार्यकारिणी का क्रमश: गठन कराया जाए, कैडर कैम्प आयोजित किये जाए। बामसेफ पदाधिकारियों एवं कैडर कैम्पों की समीक्षा प्रतिमाह ली जाए। बूथ, सेक्टर, जोन, विधानसभा, जिला, मंडल, प्रदेश के पदाधिकारियों का चयन क्रमश छोटे पद से बड़े पद तक कार्य-कुशलता /अनुभव एवं बामसेफ के अनुमोदन के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-मोर्चा, किसान संघ, बेरोजगार संघ, अधिवक्ता संघ, शिक्षक संघ, महिला विंग, युवा मोर्चा का ब्लाक,विधानसभा, जिला स्तरीय, मंडल स्तरीय एवं प्रदेश स्तरीय गठन पर गम्भीरता से विचार किये जाने का अनुरोध किया है। पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा हेतु पूरे पांच साल में पार्टी प्रमुख का सभी विधान सभाओं में कम से कम एक बैठक कराए जाने का सुझाव भी दिया है। पूरे पांच वर्ष तक जनता के बीच रहकर सुख-दुख में शामिल रहने वाले संघर्षशील कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाए जाने की विशेष योग्यता को प्राथमिकता दिए जाने का सुझाव भी दिया है । उच्च पदाधिकारी बैठक करके पार्टी के आदेश-निर्देश बताने का काम करें। जिला स्तरीय एवं स्थानीय पदाधिकारियों का चयन बंद कमरों में न करके खुली बैठक में किए जाने अनुरोध किया है। “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” की नीति पर बसपा काम करे। भाईचारा कमेटियों को पूरे पांच साल सक्रिय रखा जाए। बूथ अध्यक्षों के साथ साल भर में कम से कम एक बार शीर्ष नेतृत्व जरूर बैठक करें!
पुरानी पेंशन बहाली एवं जाति आधारित जनगणना को पार्टी के मुद्दों में शामिल किया जाए।
प्रयागराज : छविनाथ पाठक, परवेज आलम
