खबर आज़मगढ़ ज़िले के मुबारकपुर से है जहाँ पर मुबारकपुर नगरपालिका हाल में सामाजिक संगठन वारियर्स हेल्प क्लब के सौजन्य से हिजामा कैंप का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन चेयरपर्सन प्रतिनिधि हाजी अब्दुल मजीद अंसारी ने फीता काटकर किया, आपको बतादें कि यूनानी मेडिसिन कॉलेज कोलकाता के प्रोफेसर डाक्टर जुल्फिकार अली आज़मी के नेतृत्व में 15 डॉक्टरों पर आधारित मेडिकल टीम ने तिब्बे नबवी के तहत करीब 150 लोगों का हिजामा कर उनके शरीर से खराब ब्लड निकाल कर उनके लिए स्वस्थ्य जीवन का मार्ग प्रशस्त किया गया।
वहीँ इस कैम्प में मुख्य अतिथि अखिलेश यादव, ज़ियाउल्लाह अंसारी, समाजसेवी सुनीन वर्मा, हाजी नेसार पसमांदा आदि लोग मौजूद रहे।
वहीँ मीडिया से बातचीत में डाक्टर जुल्फिकार आज़मी ने बताया कि हिजामा’ एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है ‘खींचकर बाहर निकालना’ यानी शरीर से दूषित रक्त को बाहर निकालना, कपिंग (हिजामा) ड्राई और वेट दो तरह की होती है। यह दवा का एक आकर्षक वैकल्पिक रूप है जिसका उल्लेख संभवतः 5000 साल पहले के ऐतिहासिक स्रोतों में भी किया गया है उन्होंने ने यह भी बताया कि यह एक बहुत ही सरल चिकित्सा है, इसके अंतर्गत कप के नीचे एक वैक्यूम बनाकर इन छोटे कप को त्वचा से जुड़ा रखा जाता है। ये कप त्वचा को ऊपर अपने अंदर की तरफ खींचता है। कपिंग थेरेपी एक प्राचीन पारंपरिक और सहायक चिकित्सा अभ्यास है। हाल ही में, दर्द से संबंधित बीमारियों के इलाज में इसके संभावित लाभों के बढ़ते सबूत देखे गए है।
