खबर आजमगढ़ जिले से है ,जहाँ महाराणा प्रताप सेना के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक व सम्मेलन का का कार्यक्रम शहर के होटल गरूण के सभागार में आयोजित हुआ . कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ठाकुर विजेन्द्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय आन, बान, शान के प्रतीक हैं.उन्होंने कहा कि उनका सम्पूर्ण जीवन एक दर्शन है. वह आने वाली पीढि़यों के प्रेरणास्रोत बने रहेंगे.विजेन्द्र सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खायी मगर अकबर के आगे घुटना नहीं टेका.महाराणा प्रताप को किसी भी परिस्थित में दासता नहीं स्वीकार थी .उनके लिए तो जीवन व सुख-वैभव से बढ़कर अपना स्वाभिमान था.उन्होंने जंगलों में रहना सहर्ष स्वीकार किया .मगर दासता स्वीकार्य नहीं थी उनको. सेना प्रमुख ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस देश के इतिहास को नष्ट करने का काम किया है. देश के महापुरूषों को हमेशा हाशिए पर किया गया. अब ऐसा नहीं होने पायेगा.महाराणा प्रताप सेना शहर से लेकर गांव तक विभिन्न चैराहों व प्रमुख स्थानों पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगवाने का काम करेगी और सरकार से भी ऐसा करने के लिए आग्रह करेगी. उन्होंने कहा कि ऐसा करके ही भावी पीढ़ी को महाराणा प्रताप के गौरवशाली चरित्र से परिचित कराया जा सकता है. मार्टीनगंज के ब्लाक प्रमुख सौरभ सिंह बीनू ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना के विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस काम में हम सभी लोगों को मिल जुलकर लगना पड़ेगा। रानी की सराय के ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह ने कहा कि भावी पीढ़ी को अपने स्वर्णिम इतिहास से परिचित कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तभी हमारी आने वाली नस्लें उनके पदचिन्हों पर चल सकेंगी और फिर अखण्ड भारत का सपना साकार हो सकेगा।, इस मौके जिले के दो युवा पत्रकारों का सम्मान किया गया व संगठन की रणनीति तय की गयी और संगठन के विस्तार में सहयोग देने वालों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
