बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के द्वारा दिए गए एक बयान पर प्रबुद्ध वर्ग में आक्रोश है।हरदोई में प्रबुद्ध वर्ग ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को दिया इसके बाद जीतन राम मांझी का नारेबाजी कर पुतला भी जलाया।कहाकि अगर जीतनराम मांझी माफी नही मांगेंगे तो आमरण अनशन होगा।प्रबुद्ध वर्ग ने कहाकि जीतनराम मांझी को चुनाव आयोग चुनाव लड़ने से भी वंचित करे।
दरअसल जीतनराम मांझी ने पिछले दिनों ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी साथ ही मांझी ने देवी-देवताओं के लिए भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।उनके बयान पर बवाल मचा है।हरदोई में गुस्से में लोगों ने मांझी का पुतला जलाया और चौराहे पर जीतन राम मांझी का पुतला जलाते हुए लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की। अनुराग द्विवेदी ने कहा कि मांझी ने अपने बयान से ना सिर्फ ब्राह्मणों का अपमान किया है, बल्कि संपूर्ण सनातन धर्म को गाली दी है।उन्होंने कहा कि मांझी गया जिले से आते हैं ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक जिले से आने वाले व्यक्ति को यह बयान कहीं से शोभा नहीं देता।उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी को माफी मांगनी चाहिए।
