राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ ने आंदोलन की दी धमकी
फतेहपुर :- सिविल लाइन वार्ड से तीन बार के सभासद विनय तिवारी पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल व जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन देते हुए मुकदमों को फ़र्ज़ी बताते हुए वापस लेने की मांग किया।
सोमवार को राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के बैनर तले ब्राह्मण समाज व सर्व समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर सभासद विनय तिवारी पर दर्ज मुकदमे राजनीति से प्रेरित व फ़र्ज़ी बताते हुए वापस लिए जाने की मांग किया। ब्राह्मण महासंघ के जिलाध्यक्ष पंडित अनिल त्रिपाठी ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष नज़ाकत खातून के पुत्र व प्रतिनिधि हाजी रज़ा द्वारा एक मारपीट के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस चेयरमैन के आवास पहुँची थी। नगर पालिका चेयरपर्सन नज़ाकत खातून के आवास पर चेयरमैन प्रतिनिधि के न मिलने से वापस लौट रही पुलिस द्वारा सरकारी कार्य से चेयरमैन आवास पहुँचे नगर पालिका कर्मी मो आकिब को जबरन ले जाने लगी। आकिब को जबरन ले जाने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस के समक्ष विरोध किया। इस दौरान विकास कार्यां के सिलसिले में चेयरमैन से मिलने पहुँचे सभासद विनय तिवारी द्वारा आमजनता व पुलिस बल के बीच महौल को शांत करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा बाद में सत्ता के दबाव में सभासद विनय तिवारी पर फ़र्ज़ी तरीके से मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। उन्होने बताया कि सभासद विनय तिवारी द्वारा समाजिक कार्यां में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाता है। कोरोना काल में लोगों को निःशुल्क भोजन, चिकित्सा, इलाज, ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए कार्य किया गया एवं कोरोना काल में मृत्यु होने वाले दिवंगतों के लिए निःशुल्क फ्रीजर व अंतिम संस्कार कराये गये थे। उन्होने राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप कर दर्ज मुकदमें वापस लेने की मांग किया। इस मौके पर अंकित दीक्षित, पवन द्विवेदी, आशीष त्रिपाठी, सत्यम अवस्थी, सुमित कुमार, पुनीत पांडेय, सुशील पाल, फैजान अहमद, दिलीप कुमार दिवाकर, चेतन यादव, धर्मेंद्र शुक्ला, सुशील पाल, शंकर पाण्डेय, प्रभाकर द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
