फतेहपुर। जनपद न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह तृतीय की अध्यक्षता में आगामी ग्यारह दिसंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता और अधिक से अधिक वादों के निस्तारण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें प्रीलिटिगेशन से संबंधित वादों का ज्यादा से ज्यादा निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि पूर्व में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शासन द्वारा निस्तारित प्रीलिटिगेशन वादों के लिए सराहना की। आगामी ग्यारह दिसंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन से संबंधित अधिक से अधिक वादों का निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपना प्रयास इस स्तर का होना चाहिए कि जनपद गरिमामयी स्थित पर बना रहे। उन्होंने 22 जनवरी 2022 को आयोजित होने वाली वैवाहिक वादों से संबंधित प्रीलिटिगेशन वादों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन नियत है। उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार आगामी विशेष लोक अदालत किया जा रहा है। जिसमें सभी उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी मुख्यतः तहसीलदार एवं ग्राम स्तर के अधिकारियों से यह अपेक्षा है कि वह ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले लेखपाल, ग्राम प्रधान मुख्यतः महिला ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी, आशा बहुएं अपने स्तर से यह सुनिश्चित करें कि यदि किसी घर मे वैवाहिक विवाद है तो वह प्रार्थना पत्र को लेकर कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पहुंचाएं। प्रीलिटिगेशन की तिथियों में संबंधित पक्षकारों को बुलाया जाए। उनकी समस्याओं को सुलह समझौता के माध्यम से परिवार न्यायालय द्वारा उनकी समस्याओं को निपटाने के प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित वादों का डाटा ससमय कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध करा दे। इस अवसर पर नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो0 अहमद खान, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुराधा शुक्ला, एआरटीओ जेसी यादव, उप जिलाधिकारी नन्द प्रकाश मौर्य, सहायक श्रमायुक्त सुमित कुमार, तहसीलदार सदर रविशंकर यादव, तहसीलदार बिंदकी सर्वेश सिंह गौर, नगर पालिका बिंदकी मनोज शुक्ला, प्रवीण कुमार, अधिशाषी अभियंता विद्युत प्रथम रामसनेही, द्वितीय राकेश वर्मा, तृतीय मेघ सिंह, जेटीओ बीएसएनएल समीर गुप्ता सहित संबंधित उपस्थित रहे।
