विजयीपुर/फतेहपुर। क्षेत्र के कस्बा किशनपुर में होने वाली ऐतिहासिक रामलीला 238 वर्ष पहले परम सिद्ध संत श्री फाल्गुन गिरि महाराज ने रामनगर बनारस में होने वाली रामलीला की तर्ज पर शुरू करवाया था। तब से आज तक यमुना पट्टी की सबसे बडी ऐतिहासिक रामलीला लगातार चली आ रही है।
किशनपुर कस्बा में होने वाली ऐतिहासिक रामलीला कुंवार माह के नवरात्रि से शुरू होकर दीपावली तक चलती है। जिसकी शुरुआत 238 पहले परम सिद्ध संत श्री फाल्गुन गिरि महाराज ने की थी। यह रामलीला और मेला बनारस के रामनगर रामलीला की तर्ज पर आयोजित कराई गई थी। जहां बनारस की तरह यहां भी पूरी रामलीला का मंचन चौपाई बोलकर होता है, यह रामलीला तब से आज तक रामलीला फाल्गुन गिरि महाराज के नाम से लगातार संपन्न होती चली आ रही है। इस रामलीला के दो प्रमुख अंग रामगढ़ी और हनुमान गढ़ी कमेटी है। जो रामलीला को वृहद रूप देने में विशेष सहयोग करती हैं। यह रामलीला क्वांर माह के नवरात्रि से शुरू होकर दीपावली तक चलती है। जिसमें दशहरा के बाद होने वाले पूर्णमासी के दिन रावण वध होता है। जिस दिन रामगढ़ी व हनुमान गढी द्वारा वृहद जुलूस एवं अद्भुत मनमोहक झांकियां निकाली जाती हैं। जिसे देखने के लिए दूर दराज क्षेत्र सहित गैर जनपद से हजारों की संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। जिसको सकुशल संपन्न कराने के लिए कई थाने का पुलिस फोर्स, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड उच्च अधिकारिओ के देखरेख में लगे रहते हैं।
