आजमगढ़ जिले के थाना रौनापार क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले में सक्रिय जाली करेंसी बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए अंतरजनपदीय अभियुक्त समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 19 हजार रुपये की जाली मुद्रा, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से बाजारों में नकली नोट चलाकर अवैध आर्थिक लाभ कमा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना रौनापार में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक 6 मार्च 2026 को थानाध्यक्ष रौनापार मन्तोष सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ बेलकुंडा बाजार में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास कुछ लोग एक सफेद कार में बैठकर जाली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और तत्काल तीन टीमों का गठन कर मौके पर घेराबंदी कर दी।
करीब 12:30 बजे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चन्की, शिवम सिंह उर्फ विदुर निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार तथा मुन्ना पांडेय निवासी बड़हलगंज जनपद गोरखपुर के रूप में हुई।
पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बाद में मनोज कुमार निवासी गांगेपुर और रुद्र पांडेय निवासी जगदीशपुर को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो ग्राम बरडीहा का रहने वाला है। उसके निर्देश पर गिरोह के सदस्य लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज के कागज पर नकली नोट प्रिंट करते थे। इसके बाद पेपर कटर की सहायता से उन नोटों को असली नोटों के आकार में काटकर तैयार किया जाता था।
आरोपी इन जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजारों और दुकानों में चलाते थे, जिससे आम लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन में बताया कि रौनापार थाना पुलिस द्वारा जाली करेंसी बनाने और बाजार में चलाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में अंतरजनपदीय अभियुक्त सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से करीब 1 लाख 19 हजार रुपये की जाली मुद्रा, जाली नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज पेपर पर नकली नोट प्रिंट कर उन्हें बाजार में चलाते थे। इस संबंध में थाना रौनापार में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
