ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के हमले में मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन विशेष रूप से उन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है, जहां शिया समुदाय की आबादी अधिक है। इनमें लखनऊ, जौनपुर, आज़मगढ़, गाज़ीपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसी क्रम में आज़मगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के शाह मोहम्मदपुर गांव में शिया समुदाय के लोगों ने विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के तहत स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानों को बंद रखा और सैकड़ों की संख्या में इमामबाड़ा पहुंचकर घटना के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई जिंदाबाद” तथा “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए और घटना की कड़ी निंदा की।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सीओ सदर आस्था जायसवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
प्रदर्शन के दौरान समुदाय के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सीओ सदर के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में घटना की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय की मांग की गई है। साथ ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की गई।
इस मौके पर मौलाना गमखार हुसैन मशहदी ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु पर हुआ हमला बेहद दुखद और निंदनीय है, जिससे मुस्लिम समुदाय आहत है। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति और भाईचारे का प्रतीक है तथा समुदाय हमेशा अत्याचार के खिलाफ और पीड़ितों के साथ खड़ा रहता है। मौलाना ने अमेरिका और इजराइल को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग करते हुए भारत सरकार से दोनों देशों के साथ संबंध समाप्त करने की अपील भी की।
प्रदर्शन में हसन अख्तर, जफर अब्बास, मो. आकिब, खुर्शीद बाकर, हसन रजा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
