आजमगढ़: सर्वोदय पब्लिक स्कूल में देशभक्ति के रंग में रंगा 77वां गणतंत्र दिवस
आजमगढ़ जिले के हरवंशपुर स्थित सर्वोदय पब्लिक स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर को तिरंगे रंग की आकर्षक सजावट और देशभक्ति प्रतीकों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे हर ओर राष्ट्रप्रेम की झलक दिखाई दे रही थी।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव, निदेशिका कंचन यादव और उप प्रधानाचार्य संजय कुमार विक्रम द्वारा संयुक्त रूप से ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके पश्चात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत अनुशासित और जोशपूर्ण मार्च पास्ट ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद राष्ट्रगान, वंदे मातरम् और देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर गूंज उठा। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशप्रेम की भावना को जीवंत कर दिया। देशभक्ति पर आधारित गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
समारोह के दौरान इंटर हाउस गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह और बढ़ गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि भारतीय संविधान देश की आत्मा है और राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेकर शिक्षा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें।
उप प्रधानाचार्य संजय कुमार विक्रम ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। यह महान ग्रंथ देश को एकता के सूत्र में बांधता है और इसकी रक्षा व सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, विद्यालय कर्मचारी एवं अभिभावक उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में देशभक्ति की भावना छाई रही और 77वां गणतंत्र दिवस समारोह सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।
