संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक सौतेले पिता ने अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता की माँ स्वयं उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है, फिर भी घर की चारदीवारी के भीतर मासूम सुरक्षित नहीं रह सकी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब डरी-सहमी छात्रा ने स्कूल पहुँचकर अपनी शिक्षिका को आपबीती सुनाई।
सूने घर का फायदा उठाकर किया कुकृत्य
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के एक किराए के मकान में महिला कांस्टेबल अपने दूसरे पति और 13 वर्षीय बेटी के साथ रहती है। पीड़िता शहर के ही एक निजी स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा है। क्षेत्राधिकारी (CO) अमित कुमार ने बताया कि घटना बीते 25 दिसंबर की है। उस समय किशोरी घर में अकेली थी, जिसका फायदा उठाकर सौतेले पिता ने उसके साथ दरिंदगी की। घटना के बाद आरोपी ने किशोरी को डराया-धमका किया, जिसके चलते लोकलाज और भय के कारण उसने अपनी माँ को भी कुछ नहीं बताया।
शिक्षिका की सतर्कता ने दिलाया न्याय
वारदात के दो दिन बाद, 27 दिसंबर को जब किशोरी स्कूल पहुँची, तो वह बेहद गुमसुम और डरी हुई थी। उसकी मानसिक स्थिति को भांपते हुए शिक्षिका ने उससे एकांत में बात की। काफी कुरेदने पर मासूम का सब्र टूट गया और उसने रोते हुए सौतेले पिता की करतूत बयां कर दी। शिक्षिका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिलाधिकारी और पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचित किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता की पुलिसकर्मी माँ को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
बेटी के साथ हुई इस हैवानियत की जानकारी मिलते ही कांस्टेबल माँ ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रविवार को आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और दुष्कर्म समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। सीओ अमित कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे मानसिक सदमे से उबारने के लिए पेशेवर काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
बढ़ती घटनाएं और सुरक्षा पर सवाल
यह मामला एक बार फिर समाज में रिश्तों के गिरते स्तर और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी साल अगस्त में राजधानी लखनऊ से भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहाँ एक सौतेले पिता ने दो नाबालिग बहनों के साथ 6 महीने तक हैवानियत की थी। उस मामले में भी 1090 (महिला पावर लाइन) की मदद से आरोपी को पकड़ा गया था।
संतकबीरनगर की इस घटना ने शिक्षा संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया है, जहाँ एक शिक्षिका की जागरूकता ने एक पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।
