आज़मगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से ट्रैफिक पुलिस में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी दम घुटने से मौत हो गई। घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतक की पहचान ट्रैफिक आरक्षी रंजीत कुमार मौर्य के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जाम के निवासी थे और वर्तमान में आज़मगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के कोलघाट इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात ठंड से बचने के लिए रंजीत कुमार मौर्य ने अपने कमरे में अंगीठी जलाई और उसे बिस्तर के पास रखकर सो गए। कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के कारण अंदर धुआं भर गया। आशंका जताई जा रही है कि इसी धुएं के कारण उनका दम घुट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुबह जब काफी देर तक रंजीत अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो साथ में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को अनहोनी की आशंका हुई। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की मदद से किसी तरह दरवाजा खोला गया। अंदर का दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए। रंजीत कुमार मौर्य बिस्तर पर निढाल पड़े थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी शुभम तोदी, शहर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की गहन जांच की गई, जिसमें अंगीठी और धुएं के निशान पाए गए। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं।
सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि मृतक ट्रैफिक आरक्षी रंजीत कुमार मौर्य 2018 बैच के सिपाही थे और वर्तमान में ट्रैफिक विभाग में तैनात थे। प्रथम दृष्टया जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने रात में कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर सोया था, जिससे धुआं भर गया और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इस दुखद घटना से पुलिसकर्मियों के बीच शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन ने लोगों से ठंड के मौसम में अंगीठी या अन्य धुएं वाले साधनों का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
