आज़मगढ़। समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद आज़मगढ़ में बुधवार को भगवान विश्वकर्मा और महान समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामास्वामी नायकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष हवलदार यादव ने की। इस अवसर पर दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को याद किया गया।
भगवान विश्वकर्मा को किया नमन
जिला अध्यक्ष हवलदार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा का सृष्टि के निर्माण में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्हें देवशिल्पी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने केवल ब्रह्मांडीय सृष्टि ही नहीं, बल्कि मानव समाज को भी निर्माण और विकास का मार्ग दिखाया। यादव ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें परिश्रम, कौशल और रचनात्मकता का संदेश देती है।
पेरियार के संघर्षों को किया याद
पेरियार ई.वी. रामास्वामी नायकर को याद करते हुए हवलदार यादव ने कहा कि वे ऐसे महान समाज सुधारक थे जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, कुप्रथाओं, अंधविश्वास, पाखंडवाद, ऊंच-नीच, छुआछूत और असमानता को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने वैज्ञानिक सोच और तर्कवाद को समाज में स्थापित करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि पेरियार ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को न केवल आवाज़ दी, बल्कि आंदोलन के माध्यम से समाज में जागरूकता और चेतना का संचार किया। उनकी विचारधारा आज भी समानता और प्रगतिशील सोच को मजबूती प्रदान करती है। हवलदार यादव ने कहा कि पेरियार के जीवन संघर्ष और विचार सदियों तक अमर रहेंगे और नई पीढ़ी को दिशा देंगे।
नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर कार्यक्रम में पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली, विधायक अखिलेश यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, ज़िला उपाध्यक्ष राम प्यारे यादव, प्रसिद्ध उद्यमी एवं समाजसेवी इंजीनियर सुनील यादव, जी.एस. प्रियदर्शी, सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव, राजेश यादव, शिवसागर यादव, दुर्गेश यादव, संतोष कुमार गौतम, पंकज मौर्या, कुणाल मौर्य, सिंगारी गौतम, द्रौपदी पांडेय, मनोज कृष्ण यादव, नसीम अहमद, सूर्यनाथ मास्टर, सत्यदेव समेत बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का महत्व
नेताओं ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा और पेरियार ई.वी. रामास्वामी नायकर की जयंती समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है। जहां विश्वकर्मा मेहनत और निर्माण का प्रतीक हैं, वहीं पेरियार समाज सुधार, समानता और न्याय की आवाज़ थे। आज के समय में दोनों महापुरुषों की शिक्षाएं और विचार समाज को नई दिशा देने में प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने संकल्प लिया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और विकास की राह पर चलते हुए महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
