उत्तर प्रदेश – रायबरेली जिले में बुधवार को एक बड़ी राजनीतिक हलचल तब मच गई, जब अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर अचानक एक युवक ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब मौर्य रायबरेली पहुंचे और अपनी गाड़ी से उतरकर समर्थकों से मिल रहे थे। समर्थक उन्हें फूलमालाएं पहनाकर स्वागत कर रहे थे, तभी एक युवक भीड़ से निकलकर आया और उनके सिर पर जोर से हाथ मार दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर युवक के साथ एक और साथी भी मौजूद था। दोनों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। सीओ (सदर) अमित सिंह ने बताया, “पकड़े गए युवकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। हमारे पुलिस कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल दोनों को हिरासत में लिया। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसे यूपी में “जंगलराज” का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गुंडे और माफिया खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो साबित करता है कि कानून का कोई डर नहीं है। करणी सेना के कुछ कीड़े-मकोड़े कानून तोड़ते रहते हैं और योगी जी उन पर मेहरबान रहते हैं, क्योंकि उनका ताल्लुक एक ही बिरादरी से है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ऐसे तत्वों को संरक्षण दे रही है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है। मौर्य ने यह भी कहा कि वह इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेंगे और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के लिए आरोपियों को थाने ले जाया गया है और उनके आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस हमले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
