सिनेमाई दुनिया का प्रभाव अक्सर समाज में देखा जाता है, लेकिन जब इसका दुरुपयोग अपराध की दिशा में होने लगे, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में सामने आया, जहां दो तस्कर मशहूर फिल्म पुष्पा से प्रेरित होकर ऑटो में गुप्त चैंबर बनाकर गांजा तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और 70 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद कर लिया।

आज़मगढ़ पुलिस की स्वाट टीम और रानी की सराय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर उड़ीसा से बिहार और उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले तक गांजा की तस्करी कर रहे थे। खास बात यह थी कि उन्होंने पुष्पा फिल्म से प्रेरणा लेकर ऑटो में गुप्त चैंबर बना रखा था, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।

गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि बुधवार रात सेमरहा अंडरपास के पास पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ऑटो को रोका गया। तलाशी लेने पर ऑटो की छत में लोहे की पट्टियों से बना गुप्त चैंबर मिला, जिसमें गांजा के बंडल छिपाए गए थे। पुलिस ने मौके से मास्टर साहनी (निवासी गोपालगंज, बिहार) और सुरेंद्र यादव (निवासी देवरिया, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मशहूर फिल्म पुष्पा से प्रभावित होकर यह तरीका अपनाया था। फिल्म में दिखाए गए तस्करी के तरीकों से प्रेरित होकर उन्होंने ऑटो में गुप्त चैंबर बनवाया, ताकि पुलिस को शक न हो। दोनों आरोपी उड़ीसा के झारसुगुड़ा जिले से गांजा खरीदकर उत्तर प्रदेश और बिहार में सप्लाई करते थे। पिछले दो महीनों में उन्होंने दो बार बड़ी खेप बिहार और देवरिया तक पहुंचाई थी।
एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि दोनों तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह गांजा किन-किन लोगों तक सप्लाई किया जाता था, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
आज़मगढ़ पुलिस की सतर्कता और प्रभावी चेकिंग अभियान के चलते फिल्मी स्टाइल में हो रही तस्करी की यह साजिश नाकाम हो गई। अब पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और तस्करी के अन्य संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
