आजमगढ़ जिले में सिधारी थाने की पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बारात से लूटपाट करने वाले कुख्यात गिरोह के दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो लाख नौ हजार रुपये नकद, 65 ग्राम से अधिक सोना, एक तमंचा, कारतूस और एक बाइक बरामद की गई है।
मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए आरोपी
सिधारी थाने के प्रभारी शशिचन्द्र चौधरी और एसओजी प्रभारी नंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। मुठभेड़ में पकड़ा गया पहला आरोपी कमलेश लोना है, जो कि अंबेडकरनगर जिले का रहने वाला है और उस पर आजमगढ़, जौनपुर, अंबेडकरनगर और बस्ती जिले में 15 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरा आरोपी मऊ जिले का निवासी गोविंद वर्मा है, जिस पर दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कैसे हुआ मुठभेड़ का खुलासा
पुलिस अधीक्षक (एसपी) हेमराज मीणा ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि सिधारी थाने के प्रभारी शशिचन्द्र चौधरी इटौरा के पास थे, तभी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बाइक पर सवार होकर आ रहे हैं। पुलिस ने जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी कंट्रोल फायरिंग की, जिसमें कमलेश लोना के पैर में गोली लगी। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लूट के मामलों का सिलसिला
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि कमलेश लोना अपने भाई मंटू, करन कुमार उर्फ टिंचर और करन की पत्नी लक्ष्मी के साथ मिलकर लूटपाट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम देता था। यह गिरोह खास तौर पर शादी-ब्याह वाले घरों के आसपास रेकी करता था और मौका पाते ही लूट की वारदात को अंजाम देता था। वहीं, दूसरा आरोपी गोविंद वर्मा इन लूटे गए जेवरात को खरीदकर गलाता था और बाद में बेच दिया करता था।
पुराने मामलों में भी मिली संलिप्तता
पुलिस ने बताया कि 21 अक्टूबर 2024 को मेंहनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली सोनम सिंह ने सिधारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जब वह अपनी बहन के साथ ऑटो से घर लौट रही थीं, तो ऑटो में बैठी दो अज्ञात महिलाओं ने ब्लेड से उनका बैग काटकर उसमें रखे जेवरात चुरा लिए थे। इनमें दो तोले का मंगलसूत्र, दो तोले की चैन, एक तोले का झुमका और एक तोले की बाली शामिल थी।
इसके अलावा, 15 फरवरी को दिनेश विश्वकर्मा से ढाई लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया गया था। वहीं, 20 फरवरी को तरवां थाना क्षेत्र में ओमप्रकाश से एक लाख दस हजार रुपये की लूट की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों ने इन दोनों घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि इस गिरोह के अन्य तीन सदस्य अभी भी फरार हैं। इनमें मंटू लोना, जिस पर 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, करन कुमार उर्फ टिंचर, जिस पर दो मुकदमे दर्ज हैं और करन की पत्नी लक्ष्मी, जिस पर पांच गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इन तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
आजमगढ़ जिले में बढ़ती लूटपाट की घटनाओं के बीच इस गिरोह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। एसपी हेमराज मीणा ने सिधारी थाने की पुलिस और एसओजी टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके।
आजमगढ़ पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई ने जिले में सक्रिय एक कुख्यात गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। इस गिरफ्तारी से जिले में बढ़ रही लूटपाट और चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
