सफ़र में धूप तो होगी….. जो चल सको तो चलो ……नई ज़मीन है …. नया आसमा बनायेंगे
आज़मगढ़ जिले के अतरौलिया क्षेत्र के भगवानपुर मदिया पार स्थित एस डी ग्लोबल पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव की आठवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और आदर के साथ मनाई गई। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। यह आयोजन शिक्षा और सामाजिक समर्पण के प्रतीक रहे स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव के योगदान को याद करने और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में आयोजित किया गया।
श्रद्धांजलि और स्मरण का अवसर
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके हुई। उनके सपनों और आदर्शों को श्रद्धांजलि देते हुए विद्यालय के डायरेक्टर और उनके पुत्र राधे श्याम यादव ने कहा, “मेरे पिताजी का हमेशा से एक सपना था कि गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसी उद्देश्य से उन्होंने इस विद्यालय की स्थापना की थी। आज उनके प्रयासों का परिणाम है कि हमारे स्कूल में गांव और गरीब किसान परिवारों के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को संवार रहे हैं।”

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक
विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता यादव ने स्वर्गीय यादव के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव जी का सपना था कि शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो, चाहे वह किसी भी सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो। उनकी इसी सोच के चलते आज इस क्षेत्र में बच्चों को कम खर्च में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल रही है।” उन्होंने आगे बताया कि इस विद्यालय के खुल जाने से क्षेत्र के बच्चों को अब अच्छी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
विद्यालय की उपलब्धियाँ
इस मौके पर विद्यालय की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। राधे श्याम यादव ने गर्व के साथ बताया कि यहां के छात्र न केवल अकादमिक क्षेत्र में बल्कि सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। “हमारे छात्रों ने जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है, जो इस विद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह हमारे शिक्षकों और छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।”
सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित प्रयास
राधे श्याम यादव ने यह भी बताया कि विद्यालय में गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए विशेष सहूलियतें प्रदान की जाती हैं। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि शिक्षा किसी के लिए बाधा न बने। इसलिए हम फीस में भी विशेष छूट देते हैं ताकि आर्थिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।”
स्वर्गीय यादव के सपनों की दिशा में बढ़ते कदम
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती शांति यादव ने कहा, “स्वर्गीय यादव जी का सपना था कि शिक्षा का प्रकाश हर घर तक पहुंचे। उनके प्रयासों का यह नतीजा है कि आज इस क्षेत्र के बच्चे अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस विरासत को आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य है।”

बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत
विद्यालय के छात्रों ने इस अवसर पर स्वर्गीय यादव के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। छात्राओं ने कहा, “हम अपने संस्थापक के आदर्शों पर चलते हुए अपने जीवन में सफलता हासिल करना चाहते हैं और उनके सपनों को साकार करना चाहते हैं।”
आयोजन में शामिल गणमान्य व्यक्ति
इस पुण्यतिथि कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। विजय यादव, प्रदीप यादव, और जयशंकर पांडे ने भी स्वर्गीय यादव के योगदान को याद किया और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
सामूहिक प्रयास की झलक
इस आयोजन ने यह दिखाया कि किस प्रकार एक व्यक्ति के आदर्श और उनके द्वारा शुरू की गई पहल एक पूरे समाज को प्रेरित कर सकती है। स्वर्गीय यादव के योगदान को याद करते हुए सभी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है।
निष्कर्ष
स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद यादव की आठवीं पुण्यतिथि का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं था, बल्कि यह उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। एस डी ग्लोबल पब्लिक स्कूल उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक उत्थान और समानता के उनके विचारों का जीवंत उदाहरण भी है।
