आजमगढ़: विधान परिषद् सदस्य रामसूरत राजभर को मिली नई जिम्मेदारियां
आजमगढ़। विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर को तीन नई जिम्मेदारियां मिलने से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। एमएलसी श्री राजभर को विधान परिषद की अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण एवं समाज कल्याण स्थायी समिति, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों तथा विमुक्त जातियों संबंधी समिति और कृषि स्थायी समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। इस पर उन्हें लगातार बधाई मिल रही है।
नई जिम्मेदारियों से क्या बदलाव आएंगे
इस संबंध में जानकारी देते हुए उनके मंडलीय प्रतिनिधि सौरभ उपाध्याय ने बताया कि आजमगढ़ के फूलपुर तहसील स्थित मक्खापुर गांव के निवासी रामसूरत राजभर जी शुरुआत से ही जुझारू और संघर्षशील व्यक्ति रहे हैं, साथ ही भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता भी रहे हैं। विधान परिषद द्वारा दी गई तीनों जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं। इसके माध्यम से श्री राजभर अब विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संगठनों में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के प्रतिनिधित्व की स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे और इन समुदायों के उत्थान के लिए सुधारात्मक सिफारिशें करेंगे। इसके साथ ही, वे अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए एक संसदीय समिति में काम करेंगे जो सरकारी संगठनों और मंत्रालयों में इन समुदायों के प्रतिनिधित्व की स्थिति की समीक्षा करती है। तीसरी जिम्मेदारी के तहत कृषि अनुसंधान पर स्थायी समिति के सदस्य के रूप में वे भारतीय संसद में काम करेंगे, जहां वे संसदीय समितियों के साथ मिलकर काम करते हुए संसद के कार्य संचालन के नियमों के मुताबिक कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
बधाई देने वालों में मुख्य रूप से मंडलीय प्रतिनिधि सौरभ उपाध्याय, निजी सचिव श्रवण मौर्य, विक्की यादव, अच्युतानंद त्रिपाठी, फरहान अहमद, डॉ. अनुराग तिवारी, अनिरुद्ध यादव, अरविंद सिंह, हरि गोविंद तिवारी आदि शामिल थे।
सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारियां मिली हैं, वे उन पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के साथ “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की कड़ी को आगे बढ़ाएंगे और जो सम्मान उन्हें मिला है, उससे पूर्वांचल का मान बढ़ा है। वे सभी के प्रति आभारी हैं।
