रिपोर्ट – दीपक सिंह
अहरौला :- विकासखंड अंतर्गत आने वाले कई ग्राम सभाओं के पंचायत भवन पर मीडिया के द्वारा लगातार दो दिनों से किए जा रहे जांच पड़ताल के दौरान सचिव और पंचायत सहायक नदारत पाए गए पंचायत भवन में सचिव और पंचायत सहायक की अनुपस्थिति में केवल गिने चुने मजदूर की उपस्थिति ही पाई गई और कहीं पर उस पंचायत भवन में अस्पताल चलता हुआ पाया गया मीडिया द्वारा पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि यहां सचिव एवं पंचायत सहायक ज्यादातर अनुपस्थित ही रहते हैं कभी कभार अपनी इच्छा अनुसार जनता में बिना सूचना के ही चले आते हैं उनके आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है ताजा मामला अहरौला विकासखंड अंतर्गत बराहमदपुर कोरॉघाटमपुर कंदरी एवं कंदरा ग्राम का है इन ग्रामसभा के पंचायत भवनों पर अलग-अलग स्थिति देखने को मिली जहां कंदरा ग्राम सभा में पंचायत भवन पर ताला लटका हुआ था तो वहीं कंदरी अताईपुर ग्राम सभा के पंचायत भवन पर कोई नहीं मिला कंप्यूटर कक्ष में भी कोई नहीं था सभागार कक्ष में मौके पर मजदूर भोजन कर रहे थे और उन्होंने बताया कि तीन दिनों से हम लोग यहीं पर हैं यहां तीन दिनों से कोई नहीं आया है वही जब मीडिया की टीम बरामदपुर ग्राम सभा के पंचायत भवन पर पहुंची तो वहां का कुछ अलग ही नजारा दिखा वहां पंचायत भवन पर एक सफाई कर्मी उपस्थित था और बाकी सचिव कक्ष में चारों तरफ दवाइयां भरी हुई थी जहाँ होम्योपैथिक दवा खाना चल रहा था वही जब सचिव के आने के संदर्भ में पूछा गया तो मौके पर उपस्थित सफाई कर्मी ने कहा कि साहब अब बड़े अधिकारी का कार्यभार देख रहे हैं उनको कहां यहां आने की फुर्सत है मीडिया की टीम आगे बढ़ते हुए जब कोरॉघाटमपुर के पंचायत भवन पर पहुंची तो वहां भी पंचायत भवन के सभागार कक्ष में ताला लटका हुआ था जबकि कंप्यूटर कक्ष एवं प्रधान कक्ष में बाहर से सिटकनी लगी हुई थी वही जब मीडिया की टीम द्वारा पंचायत भवन पर लिखे हुए प्रधान के नंबर पर संपर्क किया गया तो प्रधान ने बताया कि जब गांव में मीटिंग रहती है तो सचिव और पंचायत सहायक पंचायत भवन पर उपस्थित रहते हैं बाकी दिनों यहां कोई नहीं रहता वहीं जब इस संबंध में इन ग्राम सभाओं में कार्यरत सचिव अरविंद शर्मा से इस विषय में फोन के माध्यम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस समय एडियो पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार का काम मिल जाने की वजह से मैं बहुत व्यस्त हूं इसलिए ग्राम सभा में पंचायत भवन पर समय से नहीं पहुंच पाता हूं आखिरकार सवाल यह उठता है कि जब तीन से चार ग्राम सभाओं की जिम्मेदारी जिन सचिवों को मिली है वही समय से पंचायत भवन पर नहीं पहुंचते हैं तो जिन सचिव को 9 से 10 ग्राम सभा की जिम्मेदारी दी गई है वह कैसे ग्राम सभा के पंचायत भवन पर रोस्टर द्वारा निर्धारित किए गए समय से पहुंचते होंगे।और ग्रामीणों को एक छत के नीचे सारी सुविधाएं दी जायेगी और उनको ब्लॉक एवं तहसील का चक्कर लगाने से छुटकारा कब मिलेगा।
