आजमगढ़ :- उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र देश का कर्णधार होता है।समाज व समुदाय में रहकर विषम परीस्थितयों को सम बनाने का काम करता है।शिक्षक सत्य और संघर्ष के मार्ग पर चलकर सफलता के मार्ग को प्रशस्त करता है। पुरानी पेंशन की बहाली के लिए संघर्ष और लड़ाई के लिए एक जुट होकर आगे आना होगा।
खण्ड शिक्ष क्षेत्र मिर्जापुर के कंपोजिट स्कूल सिकहुला के परिसर में रविवार को उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाई के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह व शिक्षोंनयन गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह रविवार को शिक्षक सम्मान समारोह व शिक्षोंनयन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।उनहोने कहा कि शिक्षक शिक्षक संघर्ष और सत्य के रास्ते पर चलकर सम्मान जीवन जीने का हुनर जनता हैं। शिक्षक पुरानी पेंशन को बहाल करने के लिए एक जुट होकर संघर्ष का रास्ता चुनें तभी सफलता मिल सकती हैं।
शिक्षक सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों को अंगवस्त्र साल, पवित्र कुरआन व गीता पवित्र पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों को जो केंद्र के समान सम्मान जनक वेतन मिलता है वह हमारे इन्ही अग्रज अनुभवी शिक्षकों के संघर्ष के चलते मिला है। पुरानी पेंशन के लिए भी हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। आगे उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दिसम्बर माह में पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन किया जायेगा। संगठन के मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए लोगों से आह्वान किया। इसके अन्य शिक्षक नेता ओं ने भी संबोधित किया । कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों का गठन भी किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह, मंत्री मोहम्मद बाकिर, कोषाध्यक्ष अंजनी यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल अजीज, संयुक्त मंत्री राज बहादुर को चुना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिबंश सिंह व संचालन जितेंद्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय सिंह, अभिमन्यु यादव, सर्वेश राय, जगदम्बा राय, राजेश यादव, अवधराज सिंह, सज्जाद अहमद, अफाक अहमद सहित भारी संख्या में शिक्षक व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
शिक्षक सम्मान समारोह व शिक्षोंनयन गोष्ठी को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह।
