रिपोर्ट – सौरभ उपाध्याय
आजमगढ़ : सेठवल 132 केवी उपकेंद्र से ऊंची गोदाम विद्युत उपकेंद्र को बिजली की आपूर्ति की जाती है. लगभग 2 महीनों से यह सप्लाई दी जा रही है जो नहर किनारे लगे सेमर के पेड़ के सहारे इंसुलेटर लगाकर नंगे तार ले जाया गया. हल्की बारिश या हवा का झोंका लगते ही बिजली ब्रेकडाउन हो जाती है, इस चिलचिलाती गर्मी में अक्सर लोगों को बिजली विभाग की लापरवाही का दंश झेलना पड़ रहा है, साथ ही साथ ऐसा प्रतीत होता है कि बिजली विभाग को किसी की मौत का इंतजार है. आपको बतादें कि जमालपुर माफी गांव के समीप नहर किनारे सेमर के पेड़ की डाल पर सीधे इंसुलेटर लगा कर बिजली की सप्लाई की जा रही है, ग्रामीणों में काफी भय व्याप्त है, पशु चराने वाले व ग्रामीण सहमे हुए है, किसी भी समय एक भयंकर दुर्घटना हो सकती है. गांव के श्रवण कुमार, कमलेश आर्यन मेवा आदि ने बताया कि हवा जब चलती है तो स्पार्किंग होती है, पेड़ में बिजली का झटका महसूस होता है. उक्त के संबंध में जब जेई ऊंची गोदाम लक्ष्मण राम से फोन पर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह सप्लाई मुझे हैण्डओवर अभी नहीं हुई है . और एसडीओ मुबारक जितेंद्र कुमार ने फोन पर कहा कि यह घटना मेरे संज्ञान में नहीं है . बिजली विभाग इससे पूरी तरह अपने को बचाने का प्रयास कर रही है, क्या बिजली विभाग को किसी की मौत का इंतजार है. वही अघोषित विद्युत कटौती से दर्जनों गांवों के ग्रामीण परेशान है |
