डाही बढ़यापार गांव में आजादी के 75 साल बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन,
अगर आप से ये कहें कि आज़मगढ़ जिले में एक गाँव है , जहाँ सड़क ही नहीं है …या यूँ कहें कि आजादी के बाद इस गाँव में सड़क ही नहीं बनी तो आप हैरान रह जायेंगे ….दरअसल ये मामला है आजमगढ़ के डाही बढ़यापार गांव का , जहाँ आजादी के 75 साल बाद भी सड़क नहीं बनी ..इसको लेकर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन किया है …ये सड़क उन लोगों के लिए आईना है जो रात दिन विकास का ढोल पीटते हैं , लेकिन जनता को मूल भूत सुविधाएं आजादी के बाद से 75 साल बीत जाने के बाद भी नहीं मिली .
देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है ….लेकिन बुढ़नपुर तहसील क्षेत्र की डाही बढ़यापार गांव में आज भी पक्की सड़क नहीं बन सकी… सड़क की मांगों को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने भारी संख्या में किया विरोध प्रदर्शन किया है … ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनवाने के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गयी …लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया…. बरसात में सड़क के दलदली हो जाने से किसी मरीज को चारपाई से अस्पताल ले जाना पड़ता है….. स्कूली बच्चे 6 महीने स्कूल नहीं जा पाते है…. जिसके चलते ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिला…. ग्रामीणों का आरोप है कि भारत देश भले ही आजाद हो गया हो ।लेकिन हमारा गांव अभी भी गुलामी की दासता को झेल रहा है…. ब्लॉक मुख्यालय अहरौला से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित है डाही बढ़यापार गांव, गांव की आबादी करीब 500 है। विनोद कुमार ने बताया कि हमारा जनप्रतिनिधियों से भरोसा उठ गया है ।केवल जनप्रतिनिधियों द्वारा हमें आश्वासन की घुट्टी ही पिलाई जा रही थी ।आगामी चुनाव को देखते हुए ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा भी कर दी है.। अंगद कुमार ने बताया कि
हमारे गांव तक ना तो एंबुलेंस पहुंच पाती है ना ही कोई सरकारी कर्मचारी शादी विवाह में भी गाड़ियां गांव से दो-तीन किलोमीटर दूर ही बाहर खड़ी रहती है। यदि कोई बीमार पड़ता है तो हम लोग उसे चारपाई पर उठाकर गांव से बाहर ले जाना पड़ता है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
