उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एक सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़ ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपये का इनामी, हिस्ट्रीशीटर और शातिर गोतस्कर पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। उसके दो साथी अंधेरे और सरसों के खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से अवैध हथियार और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
बता दे कि थाना रानी की सराय की पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग में जुटी थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि तीन शातिर पशु तस्कर सोनवारा से बड़ैला ताल की ओर मोटरसाइकिल से जा रहे हैं और उनके पास अवैध असलहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने छैला इनार तिराहे पर घेराबंदी कर दी।
कुछ ही देर में बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, लेकिन असंतुलित होकर सड़क किनारे गिर पड़े। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल आरोपी की पहचान नसीम उर्फ लंबू पुत्र दिलशेर, निवासी ग्राम कोटिला, थाना रानी की सराय के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह 50 हजार रुपये का इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गोवध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित 16 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने मौके से एक देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल नसीम को उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह आजमगढ़ और आसपास के जिलों में पशु तस्करी और चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।
फरार आरोपियों भुटेली और वसीम की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
