आजमगढ़ में रातभर गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ में गोकशी–चोरी गिरोह के 03 शातिर ढेर, इलाके में हड़कंप
आजमगढ़। जिले में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। 09/10 जनवरी 2026 की देर रात आजमगढ़ के तरवां और देवगांव थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। गोकशी और चोरी की वारदातों में लिप्त कुल तीन शातिर अपराधी पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार कर लिए गए। मुठभेड़ के दौरान चली गोलियों से रात का सन्नाटा टूट गया और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना तरवां पुलिस को गोकशी और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित एक कुख्यात बदमाश की लोकेशन की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की तो बदमाश ने खुद को फंसता देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी। घायल अवस्था में उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। बताया जा रहा है कि यह बदमाश गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित था और लंबे समय से पुलिस की आंखों की किरकिरी बना हुआ था।
उधर, थाना देवगांव क्षेत्र में पुलिस और दो अंतर्जनपदीय बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। दोनों बदमाश गोकशी और चोरी के बड़े नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, इन अपराधियों के खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर, रायबरेली सहित कई जनपदों में 50 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे जमीन पर गिर पड़े।
घायल बदमाशों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। दोनों घटनाओं के बाद पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिले में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि अब अपराधियों के लिए आजमगढ़ की धरती सुरक्षित नहीं रही।
