आजमगढ़। कफ सिरप से जुड़े एक गंभीर मामले में फरार चल रहे अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार घोषित किया है। यह कार्रवाई जनपद में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कफ सिरप प्रकरण में औषधि निरीक्षक आजमगढ़ श्रीमती सीमा वर्मा द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना दीदारगंज में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में मु0अ0सं0- 319/25 अंतर्गत धारा 318(4), 336(3), 340(2), 206 एवं 276 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दिनांक 04 दिसंबर 2025 को अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले में अभियुक्त विपेन्द्र सिंह पुत्र अशोक सिंह, निवासी ग्राम जेठहरी, थाना दीदारगंज, जनपद आजमगढ़ को नामजद किया गया है।
बताया गया कि अभियुक्त विपेन्द्र सिंह उर्फ रानू सिंह का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके विरुद्ध दिनांक 10 अक्टूबर 2018 को एचएस नंबर 04ए खोला गया था। इसके अलावा जनपद के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आईटी एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान समय में अभियुक्त फरार चल रहा है और पुलिस की पकड़ से बाहर है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिनांक 27 दिसंबर 2025 को थाना दीदारगंज पर पंजीकृत उपरोक्त मुकदमे से संबंधित वांछित एवं फरार अभियुक्त विपेन्द्र सिंह की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने के लिए जनपद स्तर से उस पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार घोषित किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जाए। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी को अभियुक्त के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त हो तो वह नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
