हिजाब विवाद और मंत्री के बयान पर यूपी में सियासी उबाल, सपा का प्रदर्शन, सुमैया राणा हाउस अरेस्ट
लखनऊ। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कथित तौर पर हिजाब हटाने की घटना और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद के विवादित व बेशर्मी भरे बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद कई सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
इस प्रदर्शन में मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी और सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा को भी शामिल होना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन से पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया। सुमैया के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
“घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा”
सुमैया राणा ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि उन्हें जबरन घर में बंद कर दिया गया है और बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा। उनका आरोप है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
सुमैया ने कहा, “नीतीश कुमार और संजय निषाद ने महिलाओं के प्रति अपनी दूषित मानसिकता को उजागर किया है। हम उसी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें घर से निकलते ही रोक दिया।”
सड़कों पर उतरकर लड़ने का ऐलान
सुमैया राणा ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति या एक बयान की नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की है।
उन्होंने कहा, “हम महिलाओं की आवाज को बुलंद करेंगे। सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे और महिला विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। जब तक नीतीश कुमार और संजय निषाद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा।”
थाने में दी गई शिकायत
गौरतलब है कि सुमैया राणा ने इससे पहले मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने में नीतीश कुमार और मंत्री संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि “जिस देश में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है, उसी देश में किसी महिला का नकाब जबरन हटाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।”
सुमैया ने मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “सिर्फ नकाब ही तो हटाया है, कहीं और नहीं छुआ”। सुमैया के मुताबिक, यह बयान महिलाओं के प्रति असंवेदनशील और अपमानजनक मानसिकता को दर्शाता है।
“6 घंटे से बंधक बनाकर रखा गया”
हाउस अरेस्ट के दौरान सुमैया राणा ने एक वीडियो जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगभग 6 घंटे से पुलिस ने उन्हें बंधक बनाकर रखा हुआ है।
सुमैया ने बताया, “मेरे रिश्तेदारी में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मैं उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने मुझे वहां तक जाने की भी अनुमति नहीं दी। यह अमानवीय व्यवहार है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं और यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि उन्हें कब तक घर में नजरबंद रखा जाएगा।
सपा का सरकार पर हमला
सपा नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार महिला सम्मान और अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन जब महिलाएं अपने हक के लिए आवाज उठाती हैं, तो उन्हें दबाने का काम किया जाता है।
सपा नेताओं का आरोप है कि मंत्री संजय निषाद के बयान ने महिलाओं को अपमानित किया है और बिहार की घटना ने पूरे देश में नाराजगी पैदा की है। इसके बावजूद सरकार माफी मांगने के बजाय विरोध की आवाजों को कुचलने में लगी हुई है।
राजनीतिक माहौल और गरमाया
इस पूरे मामले ने उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। विपक्षी दल लगातार सरकार से मंत्री संजय निषाद के बयान पर कार्रवाई और नीतीश कुमार से जवाब की मांग कर रहे हैं। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल, लखनऊ में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सपा ने संकेत दिए हैं कि अगर उनकी मांगों को नहीं सुना गया तो आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। सुमैया राणा का कहना है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता।
