महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में धूमधाम से मना दीपावली उत्सव, राम दरबार की सजीव झांकी ने मोहा मन
आजमगढ़। दीपावली का पर्व भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं का प्रतीक है। यह त्योहार जहां अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है, वहीं नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ने का भी माध्यम बनता है। इसी उद्देश्य के साथ आजमगढ़ के महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में दीपावली उत्सव धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आकर्षक रंगोली और राम दरबार की सजीव झांकी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आजमगढ़। तिवारीपुर, सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित दीपावली उत्सव का शुभारंभ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता तथा भगवान गणेश एवं माता लक्ष्मी की भव्य आरती के साथ हुआ। आरती विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा, एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य एवं कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य ने संयुक्त रूप से की।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने राम दरबार की मनमोहक एवं सजीव झांकी प्रस्तुत की। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, भरत, शत्रुघ्न तथा गणेश-लक्ष्मी के स्वरूपों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति की सभी ने सराहना की।
उत्सव के दौरान कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के बच्चों ने आकर्षक कैंडिल सजाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई। कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों ने मिट्टी के दीयों को विभिन्न रंगों एवं कलात्मक डिजाइनों से सजाया। वहीं कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं ने ‘विकसित भारत 2047’ थीम पर आकर्षक रंगोली तैयार की। रंगोली के मनमोहक डिजाइनों ने विद्यालय परिसर की सुंदरता बढ़ाई। उपस्थित लोगों ने छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए अपने कैमरों में रंगोली के डिजाइन कैद किए।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘आओ राम जी’ गीत ने सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं एक छात्रा ने दीपावली के महत्व पर पारंपरिक भाषण प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और सद्भाव का संदेश दिया।
विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य ने कहा कि दीपावली केवल दीपों और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कारों एवं परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल दीपावली मनाने, मिट्टी के दीये जलाने, कम पटाखों का प्रयोग करने और जरूरतमंदों की खुशियों का ध्यान रखने की अपील की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, किशन यादव सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का योगदान रहा। मंच संचालन अजय यादव ने किया। कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं दीपावली की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
