बच्चा चोरी की अफवाह से होने वाली हिंसा पर नही लग रही लगाम

सोशल मीडिया के जरिये शरारती तत्व फैलाते अफवाह
अर्धविक्षिप्त, निराश्रितों व भीख मांगकर गुजारा करने वालो को बना रहे निशाना
हिंसा में शामिल लोगो पर कार्रवाई न होंने से हौसले बढे
फतेहपुर। प्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाह पर हो रही हिंसा पर पुलिस के सिपाही से लेकर डीजीपी तक परेशान है लाख जतन के बाद भी बच्चा चोरी की अफवाह पर होने वाली घटनाओं पर कोई लगाम नही लग रही है। हिंसा पर उतारू भीड़ का अधिकतर शिकार अर्द्धविक्षिप्तो, निराश्रितों और भीख मांगने व फेरी कर गुजारा करने वाले लोग हो रहे है। सोशल मीडिया या फिर अन्य माध्यमो से उड़ने वाली अफवाह से जनपद में कई जगह घटना घट चुकी है। जनपद के गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा बच्चा चोर समझ कर उस समय हमला कर दिया गया जब टीम गांव मे संक्रमणित मरीजों की जाँच के लिए गांव पहुंची थी। बचने के लिये स्वास्थ कर्मियों ने सरकारी एम्बुलेन्स का सहारा लिया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को जलाने की कोशिश में जुट गए। स्वास्थ कर्मियों को बचाने में एक दरोगा सहित पुलिसकर्मी भी घायल हो गया घटना की कवरेज के दौरान एक पत्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। जबकि दूसरी घटना सोमवार की खखरेरु थाना क्षेत्र के कोट गांव की है जहाँ भीड़ ने अर्धविक्षिप्त अधेड़ को बच्चा चोर समझ कर पीट पीट कर लहू लुहान कर दिया। पुलिस द्वारा किसी तरह अधेड़ को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर उसकी जान बचाई गयी। सवाल यह उठता है कि सोशल मीडिया या फिर अन्य माध्यमो से उडी हुई अफवाहों पर हम बिना किसी तहकीकात किये हुए सच कैसे मान लेते है और पल भर में कानून अपने हाथ में ले लेते है जबकि देश में सभी तरह के अपराधों के लिये कानून और उन्हें लागू कराने के लिये पुलिस है जबकि सजा देने के लिये न्यायालय है। लेकिन उसके बाद भी भीड़ अफवाह मात्र में हिंसा पर उतारू भीड़ मारपीट करने के साथ ही आरोप मात्र पर व्यक्ति की जान लेने तक से नही हिचकती। भीड़ हिंसा पर लगाम न लगने का एक बड़ा कारण अफवाह फैलाने वालों व मारपीट करने वालो के विरुद्ध पुलिस द्वारा कार्रवाई न किया जाना है। देशभर में मॉब लींचिंग की घटनाये होने के बाद अब इनका दायर छोटे जिलो और गाँवो में तेजी से बढ़ रहा है। भीड़ हिंसा पर हलाकि पुलिस संजीदा है और घटना पर लगाम लगाने के लिये अफवाहों पर ध्यान न देने के लिये डीजीपी से लेकर सामान्य पुलिसकर्मी तक जनता से अपील कर रहे है। बच्चा चोरी की अफवाह पर कई जनपदों में हिंसा होने के बाद जनपद में घटना घटने के बाद जनपद दौरे पर आये डीआईजी कवीन्द्र प्रताप सिंह ने भी बच्चा चोरी की घटना को फर्जी बताने के साथ ही लोगो से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की थी। लेकिन उसके बाद भी जनपद में अफवाह पर हिंसा होने की घटना घट चुकी है और भीड़ हिंसा का शिकार किस जगह पर कौन हो जाय कहा नही जा सकता। अफवाह पर भीड़ हिंसा की घटनाओ में लगाम लगाये जाने के लिये झूठी अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्त्वों के अलावा मारपीट में शामिल लोगो को पुलिस द्वारा चिन्हित कर कार्रवाई किया जाना चाहिये।

0Shares
Total Page Visits: 1558 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *