कमिश्नर आज़मगढ़ मंडल ने अधिकारियों से माँगा स्पष्टीकरण , कईयों का वेतन रुका………..

मण्डलीय समीक्षा बैठक में कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, कुछ का वेतन रुका, तो किसी को प्रतिकूल प्रविष्टि

गावों में 19-20 घण्टे विद्युत आपूर्ति की रिपोर्टिंग करने वाले अवर अभियन्ताओं का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए मण्डलायुक्त
आज़मगढ़ 18 जूलाई — मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मण्डलीय समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण जहॉ आज़मगढ़ के जिला पंचायत राज अधिकारी से स्पष्टीरकण तलब किया वहीं तीनों जनपद के खनन निरीक्षकों का वेतन रोकने के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा समीक्षा के दौरान निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना एवं रख रखाव में अनियमितता पाये जाने पर ईओ अमिला से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके अलावा अन्य मामलों में ग्राम प्रधान, पशु चिकित्सक, कई पंचायत सेक्रेट्री से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। मण्डलायुक्त द्वारा पूर्व में गन्ना सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश के बावजूद प्रधान प्रबन्धक, चीनी मिल्स द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गयी। इस पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जीएम चीनी मिल से भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मण्डलायुक्त ने वृहस्पतिवार को अपने कार्यालय के सभागार में शासन के विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, कानून व्यवस्था, कर करेत्तर एवं अन्य राजस्व कार्यों, स्थानीय निकायों आदि की आयोजित मण्डलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी अधिकारियों से कहा कि सभी अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि यदि अवकाश पर जायें तो अवकाश अवश्य स्वीकृत करा लें। उन्होंने आगाह किया कि बिना अनुमति प्राप्त किये मुख्यालय से बाहर जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कार्यवाही होना निश्चित है।

मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि शासन द्वारा वृक्षारोपण का जो विभागवार लक्ष्य निर्धारित किया गया उसे हर हालत में पूरा किया जाना है। उन्होंने बलिया में उद्यान विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 161148 के सापेक्ष गड्ढों की खुदाई कम पाये जाने पर असन्तोष व्यक्त करते हुए बलिया के जिला उद्यान अधिकारी को चेतावनी जारी किये जाने का निर्देश दिया। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भी आज़मगढ़ में गड्ढा खुदाई का कार्य मात्र 28.41 प्रतिशत पाये जाने पर नाराजगी जाहिर किया। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने गत दिवस मण्डलीय अधिकारियों के माध्यम से तीनों जनपदों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों के कराये गये औचक निरीक्षण की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद मऊ के विकास खण्ड कोपागंज के अन्तर्गत ग्राम कसारा में गोवंश आश्रय स्थल बना ही नहीं है, जबकि रिपोर्ट के अनुसार वहॉं पर आश्रय स्थल के साथ ही चिकित्सक भी तैनात हैं। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित पशु चिकित्सक, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार नगर पंचायत अमिला में गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना एवं अन्य रख रखाव की स्थिति पर भी काफी खराब बताये जाने पर उन्होंने अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। प्राविधि परीक्षक, ग्राम्य विकास विभाग केआर प्रजापति ने अवगत कराया कि जनपद बलिया के विकास खण्ड सीयर के अन्तर्गत ग्राम कुरहॉं तेतरा में 12-13 पशु थे, परन्तु बरसात होने पर सबकों निराश्रित छोड़ किया गया। इस पर मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित पंचायत सेक्रेट्री के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार उन्होंने आज़मगढ़ के नगवा गांव में गोवंश आश्रय स्थल के सम्बन्ध में गलत रिपोर्टिंग करने पर पंचायत सेक्रेट्री को निलम्बित करने का निर्देश दिया।

मण्डलायुक्त द्वारा मण्डल के जनपदों में विद्युत आपूर्ति की जानकारी करने पर अवगत कराया गया कि गावों में 19-20 घण्टे विद्युत सप्लाई की जाती है। इस पर मण्डलायुक्त ने सख्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति बहुत ही कम किये जाने की हर जगह से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की फर्जी रिपोर्टिंग कत्तई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि जिस जेई के स्तर से 19-20 घण्टे विद्युत आपूर्ति की रिपोर्टिंग की जा रही है तत्काल उन सभी के नाम पूर्ण विवरण के साथ उपलब्ध कराया जाय। इसी के साथ ट्रान्सफार्मर बदलने की स्थिति पर भी उन्होंने सख्त ऐतराज करते हुए निर्देशित किया कि जिस वर्कशाप से निर्धारित अवधि के अन्दर ट्रान्सफार्मर बदल दिये जाने की रिपोर्टिंग की जा रही है उसका भी पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाय। नमामि गंगे योजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि बलिया सिटी में सीवर लाइन बिछाने की योजना काफी पुरानी है, परन्तु जो सीवर लाइन बिछी है उसमें बीच में लगभग 700 मीटर का गैप है।

मण्डलायुक्त ने इस संवेदनशील प्रकरण मानते हुए तत्काल इस समुचित निस्तारण करने हेतु जिलाधिकारी बलिया को निर्देश दिया। उन्होंने कर करेत्तर एवं अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान वाणिज्य कर, स्टाम्प देय एवं आबकारी देयों की वसूली की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीनों जनपदों में कम वसूली करने वालों को चेतावनी जारी किया जाय। इसके साथ ही उन्होंने जन सेवा केन्द्रों से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों हेतु निर्धारित रेट का अंकन सेवा केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से कराने हेतु अपर जिलाधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत एलओबी की प्रगति की समीक्षा में पाया कि इसकी जिओ टैगिंग एवं फोटो अपलोडिंग की स्थिति तीनों जनपदों में बहुत ही खराब है, जिसके कारण मण्डल की रैंकिंग काफी खराब है। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारियों को इसमें तत्काल तेजी लाकर एक सप्ताह के अन्दर प्रगति अपेक्षा के अनुरूप किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने नगरीय निकायों की समीक्षा में जनपद बलिया के नगर पचांयत बॉंसडीह एवं सहतवार में कर करेत्तर की कम वसूली पर दोनां निकायां की ईओ को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने वृक्षारोपण के सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय लक्ष्य के सापेक्ष गड्ढों की खुदाई का कार्य आगामी मंगलवार तक अनिवार्य रूप से पूरा करना सुनिश्चित किया जाय, इसके बाद किसी प्रकार की कोई बहाने बाजी नहीं सुनी जायेगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी बलिया भवानी सिंह खंगारौत, पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ त्रिवेणी सिंह, एसपी बलिया देवेन्द्र सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, वन संरक्षक अमर बहादुर, बलिया एवं मऊ के मुख्य विकास अधिकारी क्रमशः बद्रीनाथ सिंह एवं डा. अंकुर लाठर, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.एनएल यादव, मुख्य अभियन्ता लोनिवि एसपी सिंह, उप निदेशक पंचायती राज राम जियावन, मुख्य राजस्व अधिकारी आज़मगढ़ हरिशंकर सहित अन्य सम्बन्धित मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित थे।

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