सुपर मून 08 अप्रैल 2020

सुपर मून और वो भी अप्रैल 2020 में, जी हां सही सुना आपने, सुपर मून जिसका आकार सामान्य से बड़ा होगा और सामान्य से ये बहुत ज्यादा चमकीला होगा । 8 अप्रैल को पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक होंगे हमारे प्यारे चंदा मामा।

  1. दिनांक 07 अप्रैल को रात 11.38 पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब होगा । इस समय चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी मात्र 356900 किलोमीटर रह जाएगी । चंद्रमा की ये स्थिति पेरिगी (Perigee) की स्तिथि (Position) कहलाती है।

  2. सामान्य रूप से पृथ्वी की चंद्रमा से दूरी 384400 किलोमीटर मानी जाती है तथा चन्द्रमा की पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर होने पर ये दूरी लगभग 405696 किलोमीटर मानी जाती है । और इस स्तिथि को अपोगी (Apogee) की स्तिथि कहते है ।

  3. यदि चन्द्रमा के पेरीगी की स्तिथि में पूर्णिमा (Full Moon) पड़ जाए तो हमे सुपर मून दिखाई देता है । वर्ष में न्यूनतम 12 पूर्णिमा पड़ती है मगर ऐसा काम ही होता है कि परिगी की स्तिथि में पूर्णिमा भी पड़े । अतः ये एक अद्भुत घटना है ।

  4. इस वर्ष में चन्द्रमा इससे ज्यादा करीब नहीं आयेगा इसका मतलब है कि अप्रैल 2020 में दिखाई देने वाला सुपर मून अपने आप में ऐक अद्भुद घटना होगी ।

  5. चन्द्रमा के परीगी स्तिथि में पहुंचने के ठीक 8 घंटे और 35 मिनट के बाद चन्द्रमा की पूर्णिमा की अवस्था आएगी । ये आपको दोपहर 2:35 बजे जीएमटी ( सुबह 8:05 बजे आईएसटी) पर नजर आएगा।

  1. इस सुपरमून को देखने को इच्छुक लोगों को बता दें कि ये इस साल का सबसे चमकदार और सबसे बड़ा फुलमून (FullMoon) होगा। पारंपरिक रूप से अप्रैल पूर्णिमा को गुलाबी चंद्रमा यानी पिंकमून (PinkMoon) कहा जाता है। वहीं, इस साल इसे सुपर पिंक मून कहा जाएगा, क्योंकि ये पूर्णिमा के दिन दिखाई देने वाला सुपरमून होगा।

Sourse :- internet

Super Moon क्या है?

  • सुपरमून एक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा, पृथ्वी के सबसे नजदीकी स्थिति में आ जाता है।

  • पृथ्वी के नजदीक होने की वजह से चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकदार दिखाई देता है।

  • इस महीने के सुपरमून को पृ्थ्वी से 3,56,907 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

  • हालांकि, आमतौर पर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी 384,400 किलोमीटर होती है। अ

  • अब हम आपको ये भी बता दें कि ये कोई जरूरी नहीं है कि पूर्णिमा एक सुपरमून ही हो, क्योंकि पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा अंडाकार कक्षा में घूमता है। चंद्रमा हमे पूरा तब भी दिखाई दे सकता है, जब वो हमारे ग्रह यानी पृथ्वी से ज्यादा दूरी पर हो। हालांकि, कहा जा रहा है कि 8 अप्रैल को दिखाई देने वाला सुपरमून इस साल का सबसे बड़ा और सबसे चमकीला सुपरमून होगा।

इसे Pink Moon क्यों कहते हैं?

ऐसा जरूरी नहीं है कि सुपरमून सिर्फ पूर्णिमा के दिन होता है। लेकिन इस बार यह संयोगवश हो रहा कि सुपर मून के दिन पूर्णिमा है। ऐसे में यह अपने आप में ऐतिहासिक भौगौलिक घटना है।

पिंक मून का मतलब ये बिल्कुल नहीं कि इस दिन चंद्रमा गुलाबी रंग का दिखाई देगा, बल्कि ये नाम एक गुलाबी फूल (Phlox subulata) से पड़ा है। जो वसंत के मौसम में उत्तर अमेरिका के पूर्व में खिलता है। ऐसे में अप्रैल महीने के पूर्णिमा को पिंक मून कहने की परंपरा है। यही कारण है कि इस साल सुपरमून को Super Pink Moon 2020 कहा जा रहा है।

इससे पहले कब दिखाई दिया था सुपरमून

9 मार्च से 11 मार्च के बीच 2020 का आखिरी सुपरमून दिखाई दिया था। लोकप्रिय रूप से मार्च के सुपरमून को सुपर वॉर्म मून भी कहा गया था।

भारत में कैसे देखें सुपरमून

भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल को सुपरमून सुबह 8.05 पर दिखाई देगा, ऐसे में भारत में लोगों को ये घटना आसमान में दिखाई नहीं देगी, क्योंकि यहां दिन का उजाला होगा। किन्तु रात में चंद्रमा के उदय होते ही आपको सुपर मून दिखाई देगा ।

इस प्रकार दिनांक 8 अप्रैल को दिखाई देने वाली पूर्णिमा सुपर मून के रूप में दिखाई देगी । वर्ष 2020 में दिखाई देने वाला ये सबसे बड़ा चन्द्रमा होगा । 2020 में दिखाई देने वाले सभी 4 सुपर मूनस में से ये तृतीय सुपर मून होगा ।

किन्तु ये अलग है क्योंकि ये सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा अद्भुद होगा । किसी भी वर्ष में अधिकतम चार सुपरमूंस दिखाई दे सकते है । सुपरमून की स्तिथि में चन्द्रमा सामान्य से 14 % बड़ा एवम् 30% ज्यादा चमकदार नजर आएगा ।

पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा का उदय सायंकाल 6.51 पर होगा तथा पूरी रात्रि चन्द्रमा आकाश को प्रकाशमान बनाए रखेगा ।

0Shares
Total Page Visits: 441 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *