सीसीआई ने प्रतिस्‍पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31(1) के तहत ‘जारविस’, ‘बीसीआई’, ‘अनाहेरा’ और ‘वालकायरी’ द्वारा टावर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर ट्रस्‍ट (इन्‍विट) की यूनिटें खरीदे जाने को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग (सीसीआई) ने आज प्रतिस्‍पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31(1) के तहत बीआईएफ IV जा‍रविस इंडिया पीटीई लिमिटेड (जारविस), ब्रिटिश को‍लम्बिया इन्‍वेस्‍टमेंट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन (बीसीआई), अनाहेरा इन्‍वेस्‍टमेंट पीटीई लिमिटेड (अनाहेरा) और वालकायरी इन्‍वेस्‍टमेंट पीटीई लिमिटेड (वालकायरी) द्वारा टावर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर ट्रस्‍ट (इन्‍विट) की यूनिटों को खरीदे जाने को मंजूरी दे दी।

प्रस्‍तावित संयोजन के तहत जारविस, बीसीआई, अनाहेरा और वालकायरी द्वारा इन्विट की यूनिटें खरीदे जाना शामिल है।

जारविस दरअसल ब्रुकफील्‍ड समूह का एक हिस्‍सा है जो ब्रुकफील्‍ड      एसेट मैनेजमेंट इंक. द्वारा प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष तौर पर नियंत्रित निकाय है। जारविस मौजूदा समय में भारत में किसी भी तरह के कार्यकलाप में संलग्‍न नहीं है। इसी तरह बीसीआई की भारत में कोई भी प्रत्‍यक्ष मौजूदगी नहीं है और यह वर्तमान भारत में कोई भी उत्‍पाद अथवा सेवा मुहैया नहीं कराती है। बीसीआई की कुछ ऐसी पोर्टफोलियो कंपनियों में नियंत्रणकारी हिस्‍सेदारी है जिनका भारत में प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष परिचालन या बिक्री संबंधी मौजूदगी है। अनाहेरा एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक है जो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) नियमन, 2014 के तहत पंजीकृत है। वहीं, दूसरी ओर वालकायरी एक विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक है जो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक) नियमन, 2000 के तहत सेबी में पंजीकृत है। अनाहेरा एवं वालकायरी दोनों ही जीआईसी इन्‍फ्रा होल्डिंग्‍स पीटीई लिमिटेड के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहयोगी कंपनियां हैं।

‘इन्विट’ की स्‍थापना बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से निवेश करने के उद्देश्‍य से की गई है। मौजूदा समय में इन्विट की रिलायंस जियो इन्‍फ्राटेल प्राइवेट लिमिटेड (आरजेआईपीएल) की इक्विटी शेयर पूंजी में 51 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है जो निष्क्रिय टावर अवसंरचना से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराने के कार्य में संलग्‍न है।

इस बारे में प्रतिस्‍पर्धा आयोग का विस्‍तृत ऑर्डर जल्‍द ही प्रस्‍तुत किया जाएगा।

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