संदिग्ध कोरोना मरीज की मौत से मचा हड़कम्प

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही,सेनिटाइज कर परिजनों को सौपा शव
सामान्य मरीजो के साथ किया इलाज, हालत गंभीर देख कोरोना वार्ड में किया गया था भर्ती
कोरोना पॉजिटिव हुआ तो स्वस्थ कर्मियों समेत बड़ी संख्या में लोगो पर मंडराया खतरा
 जिला चिकित्सालय का आइसोलेशन वार्ड
फतेहपुर। जनपद में पहले कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत होने से हड़कम्प मचा हुआ हैं। तीन दिनों पूर्व सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन मरीज को सदर अस्पताल लेकर आये थे इलाज के दौरान मरीज का कोरोना टेस्ट किया गया था किसकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही थी इसी बीच मरीज की मौत हो गई। कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत होने के बाद भी बिभाग की उजागर हुई है। बिना किसी उचित प्रक्रिया के विभाग द्वारा परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया गया। जिससे अन्य लोगो मेभी संक्रमण फलने का भय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार असोथर थाना क्षेत्र एक गांव का रहने वाला युवक मुंबई में रहकर नौकरी किया करता था और लगभग एक माह पूर्व वापस अपने गांव आया हुआ था गांव में उनकी तबियत खराब होने पर तीन दिनों पूर्व परिजनो द्वारा उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गयं था। जहाँ चिकित्सको द्वारा बुखार और खांसी की शिकायत होने पर उसे आइसुलेशन वार्ड के भर्ती करने के साथ ही कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए सैम्पल लेकर जांच के लिये भेज दिया गया था। मरीज की जांच रिपोर्ट आती इससे पहले ही उसकी मौत हो गयी। युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही दिखाते हुए बिना किसी प्रक्रिया का पालन किये हुए शव को केवल सेनिटाइज कर अंतिम संस्कार के लिये परिजनों को सौंप दिया। जबकि संदिग्ध मरीज का शव सौंपने से पहले डब्लूएचओ के मानकों को पूरा किया जाना चाहिए था। परिजनों की माने तो युवक टीवी का मरीज था और मुम्बई में रहकर रोजगार करता था एक माहपूर्व गांव लौटा था। गाँव मे झोलाछाप के इलाज के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आये थे जहाँ उसे आइसुलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। मृतक की माँ अस्पताल में तीन इनेजक्शन लगाये जाने को उसकी मौत की वजह बता रही है। जिसे चिकित्सको द्वारा इनकार किया का रहा हैं। कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत होने से चिकित्साकर्मियों में हड़कम्प मचा हुआ है। संदिग्ध मरीज का पहले जनरल वार्ड में इलाज किया गया था बाद में सांस लेने की दिक्कत बढ़ने पर उसे आईसुलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था जहां शुक्रवार की देर रात्रि उसकी मौत होगयी थी। संदिग्ध मरीज में यदि कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो जनरल वार्ड के मरीज उनके तीमारदार से लेकर सफाई कर्मी गांव के लोगो के साथ साथ बड़ी संख्या में लोगो को आइसोलेट करना पड़ सकता है। जो स्वास्थ्य बिभाग की बड़ी लापरवाही उजागर करती है। वही सीएमओ डॉ उमाकान्त पाण्डेय ने बताया कि मृतक टीबी रोग से ग्रसित था। हालात बिगड़ने पर उसे आईसुलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। कोरोना वायरस परीक्षण करने को सैम्पल लिया गया था। जिसकी रिपोर्ट अभी नही आती है। कोरोना संदिग्ध का शव बिना प्रक्रिया के परिजनों को सौंपे जाने पर सीएमओ गोल मोल जवाब देते नजर आये।

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