रेल तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कोविड-19 से लड़ने के राष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ाने की भारतीय रेल की तैयारियों की समीक्षा की

इतिहास में पहली बार किसी भी यात्री की किसी रेल दुर्घटना में मृत्यु नहीं हुई, अब हम यह सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं कि कोविड-19 का भारत पर न्यूनतम प्रभाव पड़े: रेल तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल अधिकारियों को भोजन एवं अन्य सहायता के साथ जरुरतमंद लोगों के पास पहुंचने का निर्देश दिया

रेल तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेल के अधिकारियों को अपनी सर्वश्रेष्ठ मानवीय क्षमताओं एवं संसाधनों के अनुसार भोजन एवं अन्य सहायता के साथ जरुरतमंद लोगों के पास पहुंचने का निर्देश दिया है।

आईआरसीटीसी एवं आरपीएफ जैसे रेलवे के संगठन पहले ही जरुरतमंद लोगों के लिए निशुल्क भोजन के वितरण से जुड़ चुके हैं। मंत्री ने कहा कि रेलवे को अपने प्रयासों का दायरा बढ़ाना चाहिए और जिला अधिकारियों तथा एनजीओ आदि के परामर्श से रेलवे स्टेशनों से दूर के क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए।

बैठक में रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगडी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जीएम एवं देश भर से पीएसयू के प्रमुखों ने भाग लिया जो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़़े हुए थे।

अभी तक कोरोना से लड़ने में असाधारण कार्य करने एवं आइसोलेशन कोचों के रूप में यात्री कोचों को बदलने जैसे नवोन्मेषी समाधानों को अपनाने के लिए रेलवे की सराहना करते हुए श्री पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि सभी जोन इन कोचों को पूर्ण रूप से तैयार करने की चुनौती को पूरी करेंगे और इन्हें जल्द से जल्द इससे लैस कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 5000 कोचों की पहली खेप के रूपांतरण पर कार्य पहले ही चरणबद्ध तरीके से आरंभ हो चुका है।

रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री की राष्ट्र को अपील के बाद पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार यादव ने सूचित किया कि भारतीय रेल एवं रेल पीएसयू के कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन न लेने और उसे पीएम केयर फंड में देने का फैसला किया है। रेल के कई पीएसयू भी राष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए फंड में योगदान देने की योजना बना रहे हैं।

महत्वपूर्ण वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विशेष पार्सल रेलगाड़ी चलाने की समीक्षा करते हुए, श्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को और अधिक रूटों पर इन सेवाओं को उपलब्ध कराने को कहा जिससे कि दवाओं, अनिवार्य उपकरणों, खाद्य वस्तुओं की त्वरित समय में देश भर में आपूर्ति हो सके। ई-कॉमर्स कंपनियों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं जिनकी कम मात्रा में आवश्यकता होती है, के आपूर्तिकर्ताओं को पार्सल रेलगाडि़यों से लाभ पहुंचेगा। विशेष पार्सल रेलगाडि़यां पहले ही 8 रूटों पर चल रही हैं और विभिन्न जोनों में 20 और की योजना है।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ाई में अगले कुछ सप्ताह महत्वपूर्ण हैं और हममें से सभी के संकल्पित प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि देश इस लड़ाई में विजयी रहे।

मंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार किसी भी यात्री की किसी रेल दुर्घटना में मृत्यु नहीं हुई। अब हम यह सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं कि कोविड-19 का भारत पर न्यूनतम प्रभाव पडे।

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