राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने छठे भारत जल सप्ताह – 2019 का उद्घाटन किया

     जल संबंधी मामलों पर 14 देश भारत के साथ आए :  गजेन्द्र सिंह शेखावत

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल संबंधी मामलों पर भारत अपने सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा करने के लिए तैयार है तथा दूसरों से अनुभव सीखने के लिए भी तत्पर है। ऐसी परिचर्चाओं से जल संबंधी नीतियों और रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। छठे भारत जल सप्ताह 2019 को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा कि भारत ने इजरायल, कनाडा, जापान, जर्मनी, यू.के. जैसे 14 देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित किया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि साझा करने लायक कोई भी रणनीति या योजना का स्वागत है। भारत बेहतर भविष्य सुरक्षित करने से संबंधित अपनी जिम्मेदारी के लिए जागरूक है।

श्री शेखावत ने कहा कि भारत की भौगोलिक विविधता और जल संबंधी समस्याओं पर मंत्रालय ने जल शक्ति अभियान शुरु किया है जो केंद्र और राज्य सरकारों का एक संयुक्त कार्यक्रम है। इसके तहत भारत में जल संकट झेल रहे जिलों और ब्लॉकों में जल संरक्षण गतिविधियां तेज की जाएंगी। पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार और पुननिर्माण किया जाएगा।

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने भारत जल सप्ताह-2019 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम की थीम है – जल सहयोग :  21वीं सदी की चुनौतियों का सामना। इस कार्यक्रम के लिए जापान और यूरोपीय संघ को सहयोगी बनाया गया है।

केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री श्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि सतत भविष्य के लिए सहयोग आवश्यक है। जल शक्ति मंत्रालय सहयोग का एक उदाहरण है। बेहतर जल प्रशासन के लिए भारत सरकार ने जल व स्वच्छता से संबंधित विभिन्न विभागों का विलय कर जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है। इसके पहले 7 मंत्रालय और 10 से अधिक विभागों पर जल और जल प्रबंधन के विभिन्न आयामों का दायित्व है। अब सभी विभाग देश में जल सुरक्षा के लिए सहयोग कर रहे हैं।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री वी.पी.सिंह ने कहा कि हालांकि जल क्षेत्र में हमेशा से समस्याएं रही हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन के रूप में एक बड़ी समस्या सामने आई है। जलवायु परिवर्तन जल संसाधनों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि जल प्रबंधन एक अवसर भी प्रदान करता है जिसके माध्यम से संकट को सहने लायक, गरीबी को बेहतर जीवन और बिगड़े हुए पारितंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है।

जल शक्ति मंत्रालय ने 2012 से भारत जल सप्ताह का आयोजन कर रहा है। यह जल संबंधी मामलों पर एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों ने उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। भारत तथा विदेश के 1500 प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें 28 देशों के 63 प्रतिनिधि शामिल है।

इस कार्यक्रम को 15 सेमीनारों, 4 बौद्धिक सत्रों, 12 पैनल परिचर्चाओं तथा 6 विशेष सत्रों में विभाजित किया गया है। यह कार्यक्रम विज्ञान भवन में आयोजित होंगे। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में जल संसाधन क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और समाधान पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।

जल संसाधन, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठन, अनुसंधान संस्थान, शिक्षा संस्थान और एनजीओ इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

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