महानगरों की भीड़ से लॉक डाउन बेअसर, संक्रमण का बढ़ा खतरा

घरो से पहले लोग अस्पताल पहुंचकर करा रहे स्वास्थ परीक्षण
पब्लिक शिफ्टिंग से आने वाले दिनों में कोरोना के बढ़ सकते है केस
सदर अस्पताल की इमरजेन्सी में जांच के लिए लगी भीड़
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण से बचने के लिये देश भर में किये गये लॉक डाउन के बाद महानगरों में रोजगार की तलाश में गये लोगो का पलायन जारी है। दिल्ली एनसीआर में रह रहे लोगो का काम बंद होने के बाद वापसी के लिये सड़को पर आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लॉक डाउन की घोषणा बेमानी से हो गयी है। लोगो को कोरोना महामारी से देश को मुक्त रखने की कोशिश लड़खड़ा सी गयी है। हालांकि महानगरों से आ रहे लोगो को शहर सीमा में या गांव से पहले ही रोक कर जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। जहाँ उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद उन्हें घरो में अलग रहने समेत आवश्यक निर्देश देकर घर जाने की हिदायत दी जा रही है। बड़ी संख्या में दिल्ली हरियाणा समेत प्रदेश के अलग अलग जनपदों एव बिहार, बंगाल आदि गैर प्रान्तों के निवासियों के सड़को पर आ जाने व साधन न मिलने पर पैदल ही अपनी मंजिल की तरफ निकलने के कारण प्रदेश सरकार को लॉक डाउन के बाद भी रोडवेज की बसे चलवानी पड़ी। ऐसे में कोरोना संक्रमण से बचने के लिये लॉक डाउन का मकसद पूरा होता हुआ नही दिखाई दे रहा है। महानगरों से निकलने वाली भीड़ में कोरोना वायरस के संक्रमित भी हो सकते है। जिनके कारण तीसरे चरण में पहुंच चुके देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कही अधिक उत्पन्न हो गया है। देश मे कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यदि पलायन करने वालो को रोका नही गया तो स्थिति भयवाह हो सकती है। स्वास्थ विभाग समेत बुद्धजीवियों ने पब्लिक शिफ्टिंग के कारण आने वाले दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में व्रद्धि होने की आशंका जाहिर की है।

0Shares
Total Page Visits: 343 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *