ब्राम्हणों की जमीनों पर कब्जा कर रहे सदर विधायक के गुर्गे-सुशील मिश्रा

एग्रीमेन्ट कराकर सत्ता की हनक पर कर लिया निर्माण-संजय तिवारी
विधायक के कृत्यों की मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत-राजेन्द्र त्रिवेदी
 पत्रकारों से बातचीत करते ब्राम्हण चेतना मंच के पदाधिकारी
फतेहपुर। शहर के कलक्टरगंज में चचेरे भाईयों के मध्य चल रहे बटवारे के मुकदमे के बावजूद सदर विधायक के गुर्गों द्वारा एक पक्ष से करोड़ों रूपये कीमत की जमीन का ढाई लाख रूपये में एग्रीमेन्ट कराकर निर्माण कार्य शुरू कर देने के मामले की ब्राम्हण चेतना मंच ने कटु निन्दा करते हुए जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विधायक के कृत्यों से अवगत कराने का ऐलान किया है। उधर मंच के कार्यकर्ता संजय तिवारी का कोतवाली पुलिस द्वारा अपमान किये जाने के मामले में मानहानि का मुकदमा भी अदालत में ठोंकने की बात कही गयी।
रविवार को ब्राम्हण चेतना मंच के पदाधिकारियों राजेन्द्र त्रिवेदी, सुशील मिश्रा एडवोकेट, अधिवक्ता अमित तिवारी ने बताया कि शहर के कलक्टरगंज मुहल्ला निवासी संजय तिवारी उर्फ पप्पू मंच के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। कलक्टरगंज में चौदह बिसवा जमीन में संजय तिवारी व उनके चचेरे भाई धनंजय तिवारी का हिस्सा है। संजय तिवारी ने उप जिलाधिकारी के न्यायालय में जमीन का सीमांकन कर बटवारे के लिए वाद भी दायर किया था। जिसमें अदालत द्वारा स्थगनादेश पारित किया जा चुका है। अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने बताया कि सदर विधायक विक्रम सिंह के गुर्गों की निगाह इस करोड़ों रूपये की बेशकीमती जमीन पर लगी हुयी थी। चचेरे भाई धनंजय से आनन्द मान सिंह ने 15 जुलाई 2019 को सात बिसवा जमीन का एग्रीमेन्ट ढाई लाख रूपये में करवा लिया है। जबकि अभी जमीन का बटवारा नहीं हुआ। एग्रीमेन्ट करवाने के बाद विधायक के संरक्षणदाताओं ने न्यायालय में दायर मुकदमे को षड़यंत्र के तहत खारिज करवा दिया। जो शासन, सत्ता के इशारे पर ही संभव है। पत्रकार वार्ता में मौजूद संजय तिवारी ने बताया कि 20 सितम्बर की सुबह विधायक के कई गुर्गे जिनकी संख्या लगभग बीस से पच्चीस थी और दर्जन भर से अधिक लोगों के हाथों में असलहे थे, इन सबके साथ विधायक के साले चेतन भी रहे। एग्रीमेन्ट वाली जमीन को खोदने पर विरोध किया। विवाद बढ़ने पर शहर कोतवाल जितेन्द्र कुमार सिंह व राधानगर चौकी इंचार्ज हेमन्त पुलिस बल के साथ आये और एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उसे कोतवाली ले गये। लेकिन कब्जा करने वाले लोगां पर मेहरबान रहे। कोतवाली में बैठाने के बाद उसके विरूद्ध धारा 151 की कार्रवाई कर दी गयी इतना ही नहीं पुलिस ने लिखापढ़ी करने के बाद उसे जमीन में पड़े कम्बल पर बैठने को कहा लेकिन उसने इसका विरोध किया और बोला कि वह सम्मानित व्यक्ति है। वह कोई अपराधी नहीं है। संजय ने बताया कि कोतवाली में बैठाने के बाद विधायक के गुर्गों द्वारा देर रात तक जनरेटर चलाकर विवादित जमीन पर टीनशेड खड़ा कर लिया गया है। उन्होने कहा कि पुलिस की इस अपमानजनक कार्रवाई से वह आहत है और जल्द ही मानहानि का अदालत में मुकदमा भी दाखिल करेगा। श्री तिवारी ने कहा कि सत्ता पक्ष के इशारे पर उनके विरूद्ध फर्जी मुकदमे यदि पंजीकृत किये गये तो इसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। वार्ता में मौजूद मंच के अध्यक्ष डा0 राजेन्द्र त्रिवेदी ने कहा कि सदर विधायक के संरक्षण में पल रहे गुर्गों की निगाहें ब्राम्हणों की जमीनों पर लगी हुयी हैं। कुछ दिन पूर्व मंच की महिला अध्यक्ष संतोष कुमारी शुक्ला के शान्तीनगर स्थित प्लाट पर भी कब्जा करने का प्रयास किया जा चुका है। मंच ने इन प्रयासों व हाल ही में संजय तिवारी के साथ पुलिस द्वारा की गयी अभद्रता की कड़ी निन्दा की है। अधिवक्ता अमित तिवारी ने बताया कि एग्रीमेन्ट के आधार पर किसी भी क्रय की जाने वाली जमीन पर कानूनी तौर पर कब्जा नहीं लिया जा सकता। उन्होने बताया कि खारिज किये गये स्थगनादेश को बहाल कराने के लिए अदालत में पैरवी की जायेगी। इस मौके पर चन्द्र किशोर पाण्डेय, शिवाकांत दीक्षित, बृज किशोर शुक्ला, वीरेन्द्र दुबे के अलावा मंच के तमाम पदाधिकारी भी रहे।
नोट- ऊपर वाली खबर का बाक्स
मंच के आरोप निराधार-विधायक
फतेहपुर। भारतीय जनता पार्टी के सदर विधायक विक्रम सिंह ने ब्राम्हण चेतना मंच द्वारा एक जमीन के प्रकरण में उन पर किये गये दोषारोपण को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होने कहा कि मेरा कोई भी समर्थक अनैतिक कार्य नहीं कर सकता। उन्होने कहा कि जिस जमीन के एग्रीमेन्ट का हवाला दिया जा रहा है जहां तक उनके संज्ञान में आया है कि आरोपी संजय तिवारी के चचेरे भाई धनंजय तिवारी पर बैंक का भारी-भरकम कर्ज हो गया है। जिसके चलते उसने अपने हिस्से की जमीन का एग्रीमेन्ट किया है। एग्रीमेन्ट के आधार पर कब्जे को गैर कानूनी बताये जाने पर विधायक ने कहा कि यह क्रेता व विक्रेता के बीच की आपसी समझ पर संभव है। उन्होने यह भी कहा कि मंच का ये आरोप कि ब्राम्हणों की जमीनों पर ही विधायक के गुर्गों की नजरें लगी है, सिर्फ राजनीतिक छवि खराब करने के सिवा कुछ नहीं है। विधायक ने यह भी कहा कि यदि उनके समर्थक पीड़ित की मदद करते हैं तो वह उसे सिर आंखों पर बैठा लेते हैं। अवैध कब्जा करने व दबंगों का साथ देने के वह घोर विरोधी हैं।

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