बाढ़ की संभावना पर चौकियों में तैनात किये जायें कर्मचारी-डीएम

सम्पूर्ण समाधान दिवस में पांच शिकायतें निस्तारित
 समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतें सुनते डीएम-एसपी
फतेहपुर। सदर तहसील सभागार में मंगलवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी संजीव सिंह एवं पुलिस अधीक्षक रमेश के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। जिसमें कुल 65 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिसके सापेक्ष अधिकारियों ने पांच शिकायतों का निस्तारण कर दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शिकायतों को नोट कर एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करके शिकायतकर्ता को सूचना से अवगत कराये। उन्होने कहा कि जिन अधिकारियों की पूर्व की शिकायत लम्बित है उन्हे तत्काल निस्तारित करना सुनिश्चित करें।
समाधान दिवस में एसीएमओ, पीडी, सीओ, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार, डीएसओ, बीडीओ, बीएसए, एसओसी चकबन्दी, डीडीएजी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, ईओ नगर पालिका, सहायक निदेशक मत्स्य, डीपीआरओ, दिव्यांग, उद्यान अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, अधि0अभि0 विद्युत, जल निगम, सिंचाई, पीडब्लूडी, पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अनेक जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें। सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति भयानक हो सकती है क्योकि चम्बल नदी से पानी छोड़ा गया है। छोडे गये पानी से तीनो तहसीलों की स्थिति खराब होने की स्थिति है। जिसको देखते हुए बाढ़ चौकियों पर अधिकारी कर्मचारियों की डयूटी लगाये और उनका नाम, मोबाइल नम्बर, पद नाम उपलब्ध करायें। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि बाढ़ चौकियों में चिकित्सको की टीम दवाओं के साथ तैनाती करें। जिला पूर्ति अधिकारी से कहा कि बाढ़ पीड़ितो को खाद्यान की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि पशुओं के लिये चारे की व्यवस्था एवं टीकाकरण करायें। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि बाढ़ चौकियों की साफ सफाई सुनिश्चित कराये और बाढ़ प्रभावित ग्रामों में प्रधानों के माध्यम से मुनादी करा दे ताकि बाढ से लोग सतर्क हो जाय ताकि जन मानस व पशुओं की हानि न हो सके। अधिशाषी अभियन्ता विद्युत से कहा कि बाढ़ की वजह से जिन ग्रामों में विद्युत सप्लाई बन्द की गयी है के कारण से आस पास के ग्रामों में विद्युत आपूर्ति बाधित न हों। उन्होने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन किसानों की फसल बाढ से नष्ट हुई है उसका सर्वे कराये ताकि समय से मुआवजा दिया जा सकें। बाढ़ चौकियों पर तिरपाल की व्यवस्था भी करायी जाय। उन्होने कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्थापित चौकियो के अलावा एक अतिरिक्त बाढ चौकी बना लिया जाय। बाढ में तैनात अधिकारी, कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करें और बाढ की सूचना समय-समय पर सम्बन्धित को उपलब्ध करायें।

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