बारिश होने से पहले ही जयरामनगर में बरसात जैसे हालात …

बारिश होने से पहले ही जयरामनगर में बरसात जैसे हालात
– जलभराव की समस्या से महीनों से जूझ रहे मुहल्लेवासी
– नगर पालिका द्वारा नहीं करायी जा रही नियमित साफ-सफाई

फतेहपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा जहां एक ओर स्वच्छ फतेहपुर, स्वस्थ फतेहपुर का नारा तो बुलन्द किया जाता है लेकिन यह नारा कितने हद तक सार्थक साबित हो रहा है इसका अंदाजा पालिका परिषद के अन्तर्गत आने वाले वार्ड शादीपुर के मुहल्ला जयरामनगर में देखा जा सकता है। यहां के बाशिन्दे महीनों से जलभराव की विकराल समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन पालिका परिषद के सफाई विभाग की निगाह इस ओर नहीं जा रही है। बारिश होने से पहले ही इस मुहल्ले में बरसात से भी बुरे हालात पैदा हैं। अगर ऐसी स्थिति में झमाझम बारिश हो गयी तो यह स्थान टापू में बदल जायेगा। इस जलभराव को लेकर मुहल्लेवासियों में खासी नाराजगी भी व्याप्त है।
बताते चलें कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान के तहत नगर पालिका परिषद ने भी इस अभियान की जोर-शोर से शुरूआत की थी। अभियान के तहत प्रतिदिन झाड़ू लगाने के साथ-साथ नालियों की साफ-सफाई करवायी जा रही थी। इतना ही नहीं लोगां को जागरूक करने का काम भी किया गया था। लेकिन यह अभियान कितना सार्थक साबित हुआ इसका अंदाजा कई मुहल्लों में फैली गन्दगी को देखकर लगाया जा सकता है। या यूं कहा जाये कि अभियान की शुरूआत कर पालिका खबरों की खुर्सियों में आयी और फिर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ करने लगी। समय के निकलते ही नगर पालिका का सफाई विभाग अपने पुराने ढर्रे में आ गया और आज शहर के हालात बद से बदतर हो गये हैं। ऐसा ही एक नजारा शादीपुर वार्ड के अन्तर्गत आने वाले जयरामनगर में देखने को मिल रहा है। जहां की अवाम गन्दे बदबूदार जलभराव के बीच रहने के लिए विवश है। आधे से ज्यादा मुहल्ला जलभराव की विकराल समस्या से जूझ रहा है। नालियों की नियमित साफ-सफाई न होने के साथ-साथ जल निकासी के समुचित साधन न होने की वजह से इस मुहल्ले के हालात बदर से बदतर हो गये हैं। लोगों के घरों तक में हमेशा पानी भरा रहता है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र के लोगों को जलभराव में घुसकर ही निकलने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं व बच्चों को उठानी पड़ रही है। ऐसा नहीं है कि इन हालातों की जानकारी किसी ने नगर पालिका को न दी हो। इस क्षेत्र के लोगों ने कई बार पालिका को इस समस्या से अवगत भी कराया। बार-बार आश्वासन भी मिले। लेकिन आज तक हालात नहीं बदले। क्षेत्रीय सभासद भी इस दिशा में कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते लोगों को इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। मुहल्लेवासियों से जब इस विषय पर बात की गयी तो बताया कि लगभग एक वर्ष से मुहल्ले में जलभराव की विकराल समस्या है। कई बार शिकायत भी दर्ज करायी गयी लेकिन विभागीय लोगों ने मुड़कर देखना मुनासिब नहीं समझा। अगर ऐसे ही हालात बने रहे और झमाझम बारिश हो गयी तो यह मुहल्ला टापू का रूप ले लेगा और लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ जायेगा।

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