बकरीद पर्व पर बहुसंख्यक भाईयों की श्रद्धा का रखे ध्यान-कारी फरीद

 काजी-ए-शहर कारी फरीद उद्दीन
फतेहपुर। काजी-ए-शहर मौलाना कारी फरीद उद्दीन कादरी ने कहा कि ईदुल अजहा का पर्व आपसी भाईचारा व सौहार्द को बढ़ावा देने का प्रतीक है। कुर्बानी के अवसर पर अपने पड़ोसी व शहरी दीगर बिरादराने वतन यानी बहुसंख्यक भाईयों की श्रद्धा का पूरा-पूरा ध्यान रखें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे भाईचारे पर आंच आये।
शहर के पीरनपुर स्थित अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए काजी-ए-शहर मौलाना कारी फरीद उद्दीन कादरी ने कहा कि कुर्बानी के लिए प्रतिबन्धित पशुओं की ओर ध्यान न लगाकर गैर प्रतिबन्धित पशुओं की कुर्बानी भी खुलेआम न करें। पर्दा व सफाई का विशेष ध्यान रखें। गोश्त के अदान-प्रदान में भी पर्दे का ध्यान रखा जाये। काजी-ए-शहर ने ये भी सख्ती के साथ मना किया कि कुर्बानी करते समय जानवर की फोटो लेकर मोबाइल के जरिये वाट्सएप या सोशल मीडिया पर शेयर न करें। जिससे दूसरे बिरादरे वतन के जजबात को ठेंस पहुंचे और अपनी बस्ती व शहर का अम्न खराब हो। घरों पर की जाने वाली कुर्बानी का मलबा रोड पर घरों से बाहर न फेंके बल्कि दफना दें या नगर पालिका की ओर से जो भी इंतजाम किये जायें उसका इंतजार करें। उन्होने कहा कि अपने आस-पास व शहर देहात में आपसी भाईचारा बनाये रखें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन का साथ दें। ईदुल अजहा के तीन दिनों में अल्लाह के नजदीक कुर्बानी से बेहतर कोई अमल नहीं है। इसलिए हर आकिल बालिग साहिबे नेसाब पर कुर्बानी वाजिब है। काजी-ए-शहर ने बताया कि ईदुल अजहा का त्योहार 12 अगस्त सोमवार को समूचे जनपद में धूमधाम से मनाया जायेगा।

0Shares
Total Page Visits: 1263 - Today Page Visits: 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *