प्रसव के दौरान ही जारी किया जाये बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र-डीएम

गन्दगी देख जिलाधिकारी का चढ़ा पारा, साफ-सफाई के दिये निर्देश
 मरीजों व तीमारदारों से लिया फीडबैक, सबकुछ मिला ओके
 सदर अस्पताल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी संजीव सिंह
फतेहपुर। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने जिला महिला अस्पताल में टीकाकरण कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, आपरेशन कक्ष, डियूटी कक्ष, के0एम0सी0 वार्ड, पोषण पुर्नवास केन्द्र, डियूटी कक्ष, स्टाप रूम कक्ष, जन्म प्रमाण पत्र जारी कक्ष का औचक निरीक्षण किया। जिसमें साफ सफाई न पाये जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि साफ सफाई निरंतर करायी जाये, अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। भर्ती मरीजो व लोगो से फीडबैक लिया। मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि सभी चिकित्सीय सुविधाये मिल रही है। कोई पैसा आदि की मांग नहीं की जा रही है और दवायें भी मिल रही है। उन्होने निर्देश दिये कि प्रसव के बाद बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाये। ताकि कोई असुविधा न हों। 10 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत किया गया। स्वास्थ्य केन्द्र हसवां से रिफर होकर एम्बुलेन्स 102 से आयी ग्राम सचौली की श्रीमती शिवकन्या प्रसव कक्ष में 03 किग्रा का बच्चा का जन्म हुआ आशा ललिता देवी द्वारा बताया गया और यह भी बताया कि अभी तक लगभग 20 प्रसव मेरे द्वारा कराये गये है जिसमें कुपोषित बच्चे का जन्म नही हुआ है। समय-समय पर जाकर माताओं के खान-पान के बारे में मेरे द्वारा जानकारी दी जा रही है और वजन मशीन से बच्चों का वजन किया जा रहा है और बच्चा होने के एक घण्टे के अन्दर मॉ का दूध पिलाये और छः माह निरंतर पिलाने की सलाह दी जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि माह जनवरी 2019 से माह नवम्बर 2019 तक 18 सौ ग्राम तक के बच्चे जन्म लिये है। उनके नाम, पता, मोबाइल नम्बर की सूची बीसीपीएम बनाये और उपलब्ध करायें और रजिस्टर में लाल पेन से रेखांकित किया जाये। उन्होने पोषण पुर्नवास केन्द्र में उपस्थित पंजिका को देखा और निर्देश दिये कि नियमित आकस्मिक पंजिका में अंकित की जाये। जिला महिला अस्पताल में विद्युत पोलो की सिफ्टिंग, बाउन्ड्रीवाल, नाला में चल रहे को देखा और निर्देश दिये कि 10 दिन के अन्दर नाले का कार्य पूर्ण कर लिया जाये और बाउन्ड्रीवाल के किनारे बने निष्प्रयोज्य कमरो का ध्वस्त करा दिया जाये। जिला महिला अस्पातल में किये जाने वाले कार्यो को जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि इसकी नियमित मानिटरिंग की जाय। उन्होने महिला चिकित्सालय कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक ली। जिसमें लगभग बिन्दुओं में पत्रावलियों का निस्तारण, जर्जर भवनो का सर्टिफिकेट लेना, फायर प्लान बनाना, वाटर हार्वेस्टिंग सर्टिफिकेट, स्पीट/डग लाइसेन्स बायोमेडिकल कार्यो हेतु अनुबंध पत्र, 102, 108 एम्बुलेन्स के ड्राइविंग लाइसेन्स पावर सर्टिफिकेट आदि कार्य अस्पताल के कर्मियों को सौंपे गये थे जिसमें अधिकांश कार्य अपूर्ण पाये गये। उन्होने निर्देश दिये कि जो भी कार्य सौपे गये है उन्हे तत्काल पूरा करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी थमीम अंसरिया ए0, जिला विकास अधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 उमाकांत पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरूष डा0 प्रभाकर, महिला डा0 रेखारानी, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत, जल निगम, पीडब्लूडी, जिला सूचना अधिकारी सहित चिकित्सक उपस्थित रहें।

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