प्रवासियों के कारण जनपद में गहरा रहा कोरोना संकट

अब तक गैर प्रान्तां से आये लोगों में ही मिले कोरोना मरीज
 ट्रक में बैठकर गन्तव्य को जाते प्रवासी
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण से लोगो को बचाने के लिये सरकार द्वारा किये गये लॉक डाउन से लोग जहां के तहां थमे हुए थे। लेकिन एक माह से अधिक बीतने के बाद खाने पीने की समस्याओं के कारण प्रवासी मजदूरों का आना जारी है। प्रवासी मजदूरों की आमद और प्रशासन की लापरवाही के कारण और ग्रीन जोन में शामिल जनपद धीरे धीरे अरेंज जोन में बदल चुका है। एक माह से अधिक के अन्तर्राल में तीन चरणों के लॉक डाउन ने महानगरो में रोजी रोटी की तलाश में निकले कामगार भुखमरी के कारण वापस लौटने को मजबूर है। तो दूसरी तरफ अपना काम धंधा छोड़कर घरो में रहने को मजबूर जनपद वासी है। सरकार प्रवासी मजदूरों की वपसीं बसों व ट्रेनों के जरिए सुनिश्चिय कर रही है जबकि बड़ी तलदात मे लोग निजी वाहनों के अलावा पैदल व जरूरी समनो की अपूर्ति करने वाले ट्रको से आना जारी है। गुजरात महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा दिल्ली, के अलावा भी अनेक प्रान्त ऐसे है जहां से प्रवासी श्रमिको का पलायन कर आना जारी है। बाहर से आने वाले श्रमिको का चिकित्सको द्वारा जांच करके घर के अन्य सदस्यों से अलग रहने का निर्देश के साथ होम क्वारन्टीन के लिये भेज दिया जाता है। जनपद में मिले अभी तक के सभी तीनो कोरोना पाजिटिव मरीज महानगरो दिल्ली और मुम्बई से वापस लौटे हुए है। ऐसे में सवाल उठता है कि जांच के नाम पर केवल थर्मल स्कैनर से स्कैनिंग कर प्रवासियों को होम क्वारन्टीन भेजना खतरे से खाली नही है जबकि बड़ी संख्या में गैर प्रान्तों से आये हुए लोग अपने अपने घरो परिवार में चोरी छिपे भी रह रहे है। वही लोगो का आरोप है कि खुद से स्वस्थ जांच न कराने वाले प्रवासियों की सूचना देने के बाद भी कंट्रोल रूम व स्वास्थ्य विभाग के लोग उन्हें जांच के लिये न तो टीमें भेजी जाती है और न ही उन्हें क्वारन्टीन के लिये कही अलग भेजा जाता है। लगातार कोरोना मरीजों की सँख्या बढ़ने पर लोगो का कहना है की जिले की सीमाएं सील होने के बाद भी लगतार प्रवासी बिना जांच के जिले में कैसे प्रवेश कर रहे है। और जिला प्रशासन उन्हें होम क्वारन्टीन करने की जगह बनाये गये क्वारन्टीन सेंटरों में क्यो नही भेजा जा रहा। लापरवाही के कारण बिना जाँच पड़ताल के प्रवासियों का इस तरह अपने अपने घरो में आने के कारण लॉक डाउन की वजह से अब तक घरो में कैद लोगो में आक्रोश बढ़ना भी शुरू हो गया है। कई जगह गांव में लोगो मे आपसी मुँहचाही के साथ गाली गलौच तक ही चुकी है। लोगो का असंतोष बढ़ता ही जा रहा है। जबकि दूसरी तरफ सीमाये सील होने के बावजूद प्रवासियो का महानगरो से निकलकर अब तक साफ सुथरे रहे ग्रीन जोन के जनपद में आना जारी है।

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