पूर्वांचल की धरती पर पहली बार उगा ड्रैगन फ्रूट……

लालजी ने दुमही में उगा दिया विदेशी ड्रैगन फ्रूट – उन्नत खेती
– फलों को देख आश्चर्य में लोग, देखने वालों की जुट रही भीड़
– सुपर फ्रूट के नाम से मसहूर फल से मिल रहा ज्यादा मुनाफा
(फोटो परिचय 1. ड्रैगन फ्रूट के फल व पौधे के साथ किसान लालजी कुशवाहा
2. ड्रैगन फ्रूट का पौधा)
पूर्वांचल की धरती पर पहली बार उगा ड्रैगन फ्रूट
कृषि विविधता का क्षेत्र है। लक्ष्य को हासिल करने के प्रति समर्पित किसान पत्थर पर भी घास उगा सकता है। इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कुशीनगर जनपद के  दुदही विकास खंड के ग्राम पंचायत दुमही के चितहीं टोला निवासी लालजी कुशवाहा। जो अन्य किसानों के लिए आदर्श बन चुके लालजी कुशवाहा खेती में लगातार प्रयोग करते रहते हैं। पारंपरिक किसानी से हटकर केला की खेती, पपीता की खेती, बीन्स की खेती, स्ट्राबेरी की खेती, मई-जून की तपती दोपहरी में गोभी की खेती की। अब लालजी अपने खेत में उगे ड्रैगन फ्रूट फलों को बाजार में पहुंचा रहे हैं। बताते चलें कि वर्ष 2019 में कृषि भ्रमण पर कौशांबी गए लालजी ने किसान रवींद्र कुमार पांडेय की ड्रैगन फ्रूट की बागवानी देखा तो प्रयोग करने का निर्णय लिया। उक्त किसान से 50 रुपये प्रति पौध के हिसाब से 200 पौधे खरीदे। करीब पच्चीस हजार रुपए की लागत से छह फीट ऊंचे 50 आरसीसी के पोल बनवाए।  प्रत्येक खंभे के चारों ओर एक एक पौध लगा दिया। देखभाल आदि मिलाकर अब तक कुल पचास हज़ार रुपए खर्च हुआ है। बताया कि पहले वर्ष एक पोल से आधा किलो वजन के करीब बीस फल प्राप्त होंगे। इस तरह करीब एक हजार फल जिनकी प्रति फल सौ रुपए थोक कीमत से लगभग एक लाख रुपये प्राप्त होगा। दूसरे वर्ष 30 से 50, तीसरे वर्ष 50 से 80 व इसी तरह क्रमशः बीस वर्षों तक फल लगते रहेंगे। खेत में करीब तीन हजार वर्ग फीट एरिया में कंटीले कैक्टस नुमा पौंधों को देखकर लोग कौतूहल से भर उठते हैं। लालजी कुशवाहा ने बताया कि गोरखपुर में बाहर से ड्रैगन फ्रूट आता है। अब मैं थोक बाजार में सप्लाई कर रहा हूं। अच्छा मुनाफा है। उद्यान विभाग भी सहयोग कर रहा है। किसान इस पल का उत्पादन कर लाभ कमा सकते हैं। प्रधानमंत्री के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने के लक्ष्य व आत्मनिर्भर भारत अभियान में ड्रैगन फ्रूट के माध्यम से निश्चित सफलता मिलेगी। किसान लालजी कुशवाहा ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट को सुपरफ्रूट माना जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। कहावत है कि एक ड्रैगन फ्रूट रोज खाने से बुढ़ापे के लक्षण नहीं आते। इसमें पाए जाने वाले ऐंटी-आक्सिडेंट्स, फाइबर्स व विटामिन सी गंभीर बीमारियों से रिकवरी में मदद करते हैं। बीटा कैरोटीन व लायकोपीन कैंसर, हार्टडिजीज व डायबिटीज के खतरे को कम करते हैं।
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