पुलिस की लचर व्यवस्था के चलते जान जोखिम में डाल रहे प्रवासी

छिवली नदी में घुसकर जनपद सीमा में कर रहे प्रवेश
 हजारों प्रवासियों को पुल के ऊपर पुलिस ने रोका, व्यवस्थाएं शून्य
छिवली नदी पार करते प्रवासी
फतेहपुर। कोविड-19 महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश में अचानक लाकडाउन की घोषणा कर दी गयी थी। लाकडाउन के 25 दिन पूरे हो चुके हैं। देश की सभी फैक्ट्रियां व कारखाने पूरी तरह से बंद हैं। देश के बड़े महानगरों में गुजर बसर कर रहे मजदूर तबके के लोगों के सामने अब खाने-पीने के लाले उत्पन्न हो गये हैं। जिसके चलते यह मजदूर तबका अब अपने गृह जनपद व गांव जाने को आतुर है। इसका जीता जागता उदाहरण कानपुर-फतेहपुर सीमा छिवली नदी पर देखा जा सकता है। छिवली नदी बार्डर पर पुलिस प्रशासन द्वारा बैरीकेटिंग की गयी है। जिससे कानपुर जनपद से आने वाला कोई भी वाहन इस जनपद में प्रवेश न कर सके। बड़े महानगरों से मजदूर तबके के लोग झुण्ड बनाकर बड़ी संख्या में अपने गृह जनपद के लिए निकले हैं। इनकी भीड़ जब कानपुर-फतेहपुर बार्डर पर पहुंची तो गृह जनपद पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जिससे इस स्थान पर हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गयी है। कहने को तो पुलिस द्वारा सारी व्यवस्थाएं की गयी हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और यहा। इस स्थान पर रूके प्रवासी लोगों ने बताया कि सही समय पर खाना, पीना नहीं मिल रहा है। वह भूख और प्यास से तड़प रहे हैं। किसी तरह वह दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद समेत अन्य स्थानों से अपने गृह जनपद जाने के लिए निकले थे। लेकिन यहां आकर वह फंस गये हैं। उधर कुछ प्रवासी लोगों ने इस स्थान को पार करने के लिए छिवली नदी का सहारा लिया और नदी में घुसकर बार्डर पार करने में लगे हुए हैं। नदी पर बड़ी संख्या में लोग कानपुर सीमा से फतेहपुर सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लेकिन मुस्तैदी में लगी पुलिस को इसकी भनक तक नही है।

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