धूमधाम से नौ सितम्बर को वैश्य समाज मनायेगा पार्षद जयन्ती

महफिल-ए-समा में कवि एवं शायर पेश करेंगे कलाम
 बैठक करते परिषद के पदाधिकारी
फतेहपुर। श्री दोसर वैश्य कल्याण समिति एवं अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया कि परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 सुमन्त गुप्त के सानिध्य में नौ सितम्बर को झण्डा गीत रचयिता पदमश्री श्याम लाल गुप्त पार्षद का 123 वां जन्म दिवस धूमधाम से मनाया जायेगा। इस अवसर पर महफिल-ए-समा का आयोजन भी होगा। जिसमें कवि एवं शायर कलाम पेश करेंगे।
कैम्प कार्यालय पीलू तले चौराहे में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश गुप्त ने कहा कि झण्डागीत के रचयिता पदमश्री श्याम लाल गुप्त का 123 वां जन्म दिवस समाज के लोगों द्वारा 9 सितम्बर को सिविल लाइन स्थित पार्षद चौक में शाम 6 बजे धूमधाम से मनाया जायेगा। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव विनोद कुमार गुप्त ने बताया कि 9 सितम्बर को परिषद के राष्ट्रीय डा0 सुमन्त गुप्त के सानिध्य में एक सुहानी शाम-पार्षदजी के नाम पर आयोजित की जायेगी। जिसमें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा का भी आयोजन किया गया है। जिसमें प्रदेश के जाने माने हास्य कवि वीर रस के कवियों को अमंत्रित किया गया है। कवियों की व्यवस्था का दायित्व शिवशरण बन्धु हथगामी को सौंपा गया है। श्री दोसर वैश्य कल्याण समिति के अध्यक्ष विमल गुप्त एडवोकेट ने कहा कि पार्षदजी समाज के गौरव थे, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनके जन्म दिवस को हम सभी एक यादगार के रूप महें मनायेंगे। जिससे उनके व्यक्ति व कृतित्व समाज के लिए आदर्श बनें। युवा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शरन सिम्पल ने कहा कि 9 सितम्बर युवाओं के लिए खास दिन होगा। इस दिन हम सभी ऐसे महापुरूष का जन्म दिवस मनाते हैं, जिसने देश की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। जिसको भुलाया नहीं जा सकता, उन्होंने कहा कि जिला कारागार में भी उनकी यादें हैं। इस लिए 9 सितम्बर को परिषद के पदाधिकारी जिला कारागार में बच्चों को मिष्ठान, फल, टाफी व खिलौना आदि भेंटकर पार्षदजी की यादों को साझा करेंगे। बैठक के अन्त में भारत के पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। अमित शिवहरे ने बैठक का कुशल संचालन किया। इस मौके पर प्रकाश गुप्त, अरूण जायसवाल एडवोकेट, अमित गुप्त, सन्तोष गुप्त, अमित शरन बॉबी, आशीष अग्रहरि, संजय गुप्त, राधेश्याम, हयारण, सत्येन्द्र गुप्त, रामबाबू गुप्त, रितेश गुप्त, नारायण गुप्त, मनोज गुप्त आदि रहे।

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