तीजा पर मातमी जुलूस व मजलिस में उमड़ी भीड़

 जुलूस में शामिल अकीदतमंद
जहानाबाद-फतेहपुर। मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद को लेकर तबर्रुकात एवं मातमी जुलूस निकाला गया। जो कस्बे के निर्धारित मार्गो से होता हुआ शाम कर्बला में सुपुर्द खाक किया गया।
कस्बे के मोहल्ला मलिकपुर स्थित इमाम बारगाह शिया वक्फ हैदर बख्श से गुरुवार को इमामबारगाह मुतवल्ली सैय्यद अतहर हुसैन रिजवी उर्फ नवाब राजू फतेहपुरी की देखरेख में प्राचीन तीजे का जुलूस बरामद किया गया जुलूस के पूर्व इमाम बारगाह में एक मजलिस को खिताब करते हुए जाकिरे अहलेबैत सैय्यद असगर अब्बास नकवी ने बताया कि अरब देश के कर्बला नामक स्थान पर हक और बातिल की इस जंग में मोहम्मद साहब के नवासे हजरत हुसैन हक पर थे और उन्होंने इंसानियत, भाई चारगी, अमन, मां बहनों की इज्जत आबरू बचाने के लिए अपने इकहत्तर साथियों सहित कुर्बानी देकर बता दिया कि इस्लाम तलवार से नहीं मोहब्बत एवं आपसी भाईचारे से परवान चढ़ा है। आपसी भाईचारा छिन्न-भिन्न कर दहशतगर्दी फैलाना यजीद का काम था। हजरत हुसैन यजीद के बुरे कार्यों का घोर विरोध करते थे। बाद मजलिस तबर्रुकात के साथ मातमी दस्ते का जुलूस दोपहर बाद बरामद हुआ। जो कस्बे के मलिकपुर, बाकरगंज, लालूगंज होता हुआ बारादरी के सामने स्थित कर्बला में अलविदाई नौहे के बाद समाप्त किया गया। जुलूस में अंजुमन गुंचये नकविया मिर्जापुर के दस्ते में मेराज नकवी, तारिफ नकवी ने अपने बैनियां नौहों से लोगों को रोने पर मजबूर कर दिया। समापन जुलूस में सैय्यद कमर अब्बास नकवी, सरकार आलम, सैय्यद अब्दुल्लाह जाफरी, जावेद रिजवी आदि ने तीजे में शामिल लोगों का शुक्रिया अदा किया। जुलूस के आगे दारागंज के अखाड़ेदारो मे अकील पहलवान, गोपी आदि ने बनेठी, तलवार, चकरी का प्रदर्शन कर अपने फनों के जौहर दिखाए। प्राचीन तीजे के जुलूस में शामिल होने जनपद सहित विभिन्न जनपदों से भारी संख्या में लोग आये। अकीदतमंदो द्वारा ताजिए में अपनी अपनी मन्नतें मांगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभारी निरीक्षक ज्ञान सिंह सहित बिन्दकी सर्किल का पुलिस बल मौजूद रहा।

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