झमाझम बारिश ने शहर के आधे से अधिक इलाकों को बनाया तालाब व झील

सरकारी आवास सहित कार्यालयों में भी भरा रहा पानी
बारिश की चपेट में कच्चा मकान, पेड़ व खंभे भी धराशायी
 बारिश के कारण शहर में हुए जलभराव व घर गिरी का दृश्य
फतेहपुर। मंगलवार की देर रात से अनवरत हो रही तेज रफ्तार बारिश ने शहर के आधे से अधिक इलाकों को जल निकासी के अभाव में तालाब व झील में तब्दील कर दिया है। मूसलाधार बारिश से अधिकारियों के आवास व सरकारी कार्यालयों सहित विद्यालय परिसरों में भी पानी भर जाने से आने-जाने वाले लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। मौसम की पहली तेज बारिश ने कच्चे मकानों, बिजली के खम्भों व कई पेड़ों को भी धराशायी कर दिया है। गनीमत यह रही कि ध्वस्त हुए मकानों में कोई मौजूद नहीं रहा। जिले के कई इलाकों से बारिश से मौत की खबरें भी मिली हैं।
बरसात के मौसम में सावन महीने तक पानी न गिरने से जिले में सूखे की आशंका व्यक्त ही नहीं की जा रही थी बल्कि भारतीय किसान यूनियन जिले को सूखाग्रस्त घोषित किये जाने की मांग भी उठा रहा था। लेकिन सावन माह खत्म होते ही भादो माह के दूसरे व तीसरे दिन लगातार बारिश ने पूरे शहर को जहां पानी-पानी कर दिया। वहीं कच्चे मकान, बिजली के पोल व पेड़ भी धराशायी हो गये। दक्षिणी मुराइनटोला निवासी शब्बीर अहमद का पुराना कच्चा मकान पानी की चपेट में आकर धराशायी हो गया। गनीमत यह रही कि इस मकान में बारिश के वक्त कोई मौजूद नहीं था। इसी क्रम में सिविल लाइन स्थित एक मैरिज हाल के निकट बिजली का खम्भा व पेड़ गिर जाने से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। मूसलाधार बारिश के चलते पटेलनगर, कचेहरी रोड, आईटीआई रोड, रानी कालोनी, आवास-विकास, बिन्दकी बस स्टाप, खलीलनगर, अस्ती-कोतवाली रोड, पीरनपुर, रेलवे कालोनी, वीआईपी रोड, ताम्बेश्वर नगर इलाके तालाब व झील में तब्दील हो गये। लोगों को गन्तव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी में पैरकर जाना पड़ा। जलभराव के चलते कई इलाकों में दो पहिया वाहन व ई-रिक्शा भी घण्टों फंसे रहे। जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला गया। मूसलाधार बारिश के चलते जहां विद्यालयों के परिसर में पानी भर गया। वही अधिकारियों के आवास भी पानी में तालाब की शक्ल में तब्दील हो गये। कलेक्ट्रेट व विकास भवन के मुख्य द्वार पर जलभराव होने से आने-जाने वाले लोगों के अलावा अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा ताम्बेश्वर नगर स्थित एक सीमेन्ट की दुकान में लबालब पानी भर जाने से करीब साढ़े छह सौ बोरी पानी में बर्बाद हो गयी। बताते चलें कि शहर में बरसात के वक्त टापू बन जाने की समस्या लम्बे समय से मुंह बाये खड़ी हुयी है। शहर में सीवर लाइन न होने के चलते हर वर्ष शहरी बाशिन्दों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। जबकि सीवर लाइन को लेकर समय-समय मांग उठती रही। जनप्रतिनिधि लगातार लोगों को आश्वासन तो देते रहे लेकिन इस नासूर का इलाज किसी भी सरकार में नहीं हो सका। वर्तमान समय में जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति केन्द्र सरकार में राज्यमंत्री हैं। जबकि प्रदेश सरकार में भी दो राज्यमंत्री जिले से हैं। इनमें हुसैनगंज विधानसभा के विधायक रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह तथा जहानाबाद के विधायक जय कुमार सिंह जैकी है। जिले से तीन-तीन मंत्री होने के बावजूद इस मुख्य समस्या का निराकरण न होना लोगों को अखर रहा है।

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