जीएसटी में बड़े सुधार प्रस्तावित

01 अप्रैल, 2020 से सरल जीएसटी रिटर्न लागू किया जाएगा डमी या अस्तित्व में नहीं रही यूनिटों को हटाने के लिए करदाताओं की आधार के अनुसार सत्यापन की शुरुआत उपभोक्ता इनवाइस के लिए गतिमान क्यू-आर कोड का प्रस्ताव

01 अप्रैल, 2020 से एक सरल जीएसटी रिटर्न लागू किया जाएगा। संसद में आज वर्ष 2020-21 का केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पर अभी प्रयोग किया जा रहा है। इससे रिटर्न दायर करना सरल हो जाएगा। इसकी विशेषताओं शून्य रिटर्न के लिए एसएमएस आधारित फाइलिंग, समय से पूर्व   रिटर्न फाइलिंग, उन्नत इनपुट कर ऋण प्रवाह और समग्र सरलीकरण शामिल है। वित्त मंत्री ने कहा कि रिफन्ड की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और मानव हस्तक्षेप के बिना इसे पूर्णतः स्वचालित किया गया है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि करदाताओं का आधार के अनुसार सत्यापन और अनुपालना में सुधार के लिए अनेक उपाय किए गए है। इससे डमी या अस्तित्व में नहीं रही यूनिटों को हटाने में सहायता मिलेगी। उपभोक्ता इनवाइस के लिए गतिमान क्यूआर-कोड का प्रस्ताव है। जब क्यूआर कोड के जरिए खरीद हेतु भुगतान किया जाएगा तब जीएसटी मानदंडों को दर्शाया जाएगा। वित्त मंत्री ने इनवाइस की मांग करने के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए नगद पुरस्कार की एक प्रणाली की परिकल्पना की गई है। इनवाइस और इनपुट कर क्रेडिट का मेल किया जा रहा है जहां 10 प्रतिशत या इससे अधिक बैमेल रिटर्न पाए जाते हैं। तो सीमाओं की पहचान की जाती है और उनका अनुशिलन किया जाता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इनवाइस एक अन्य नवोन्मेष है जहां महत्वपूर्ण जानकारियों को एक केन्द्रीयकृत प्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रखा जा सकता है। इसे वैकल्पिक आधार पर इस महीने से शुरु करके विभिन्न चरणों में लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे अनुपालना और रिटर्न फाइलिंग आसान हो जाएगी।

0Shares
Total Page Visits: 454 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *