जल निकासी की व्यवस्था न होने पर दशहरा नहीं मनायेंगे ग्रामीण

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
फतेहपुर। हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग पर स्थित रमवां स्टेशन के पास नई रेलवे लाइन बनाने के बाद रेलवे द्वारा नाला बंद कर दिये जाने से आस-पास के कई गांव प्रभावित हो गये हैं। इतना ही नहीं लगभग छह हजार बीघे की फसल भी जल निकासी के अभाव में डूब रही है। घरों में पानी भर रहा है। पूरे गांव में पानी भरा होने से एक पखवारे से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन अपर उपजिलाधिकारी को देकर जल निकासी की व्यवस्था कराये जाने की मांग की गयी है। यह भी कहा गया कि यदि चौबीस घण्टे के भीतर व्यवस्था नहीं करायी गयी तो प्रभावित गांव के किसान दशहरा का पर्व नहीं मनायेंगे बल्कि धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
भाजपा नेता अरविन्द कुमार बाजपेयी के नेतृत्व में अपर उपजिलाधिकारी को सौंपे गये ज्ञापन में शहजादेपुर, रमवां, चौधकियापुर व इब्राहीमपुर गांव के किसानों ने बताया कि रमवां स्टेशन के पास रेलवे द्वारा नई लाइन बनाने के बाद नाले को बंद कर दिया गया है। जिसके चलते बरसात का पानी नहीं निकल पा रहा है। पानी रूक जाने की वजह से किसानों की छह हजार बीघे खड़ी फसल डूब रही है। इब्राहीमपुर व चौधकियापुर गांव के अंदर घरों में पानी घुस गया है। एक पखवारे से गांव के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि पानी में डूबने का खतरा है। यह भी बताया कि किसानों ने खुद नाला खोदने का प्रयास किया तो रेलवे के अधिकारियों ने मना कर दिया है। ज्ञापन में बताया कि नाला बंद होने से 75 फीसदी फसले बर्बाद हो चुकी हैं। यदि प्रशासन चौबीस घण्टे के भीतर जल निकासी की व्यवस्था कर दे तो पच्चीस फीसदी फसले बचाई जा सकती हैं। प्रभावित गांव के किसानों के पास खेती के अलावा कोई दूसरा जरिया भी नहीं है। जिसके चलते पानी भरा रहने से भुखमरी का दंश झेलना पड़ सकता है। इस मौके पर शिवमंगल, बसंतलाल, राम बाबू, रामेश्वर, शोभा, रामनाथ, रक्षपाल, दिलीप, बचोल, राजेन्द्र कुमार, राम किशोर, देशराज सहित बड़ी संख्या में किसान रहे।

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