घाघरा का कहर कई बांधो में रिसाव , लोगों में दहशत का माहौल

बलिया :- यूपी के बलिया में सरयू (घाघरा) नदी में काफी तेजी से अचानक पानी बढ़ने की वजह से कई बांधो में रिसाव होने से बाँसडीह तहसील क्षेत्र के 26 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है… ताहिरपुर गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिर गया है… घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई लोग अपना घरबार छोड़ने को मज़बूर है … बलिया के जिलाधिकारी का कहना है की प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी निगरानी रखे हुए है …वही प्रभावित गावों में नावों की व्यवस्था भी की गई जबकि इन इलाकों में लोगों को विस्थापित करने जैसे हालात भी नहीं है …
बाढ़ के पानी के बीच घिरे गांव और प्लास्टिक की छत के सहारे अपने पालतू जानवरों और जरूरी सामानों के साथ ऊंचे बांध पर शरण लिए लोगों के  साथ ही नाव के सहारे अपने खाने पीने और जरूरी सामान लेकर आने की तस्वीरें यूपी के बलिया के बाँसडीह तहसील क्षेत्र के ताहिरपुर गांव की है। जहाँ घाघरा नदी का पानी अचानक आ जाने से बांध में कई जगह रिसाव होने लगा औऱ रिसाव की वजह से बाढ़ का पानी इस गांव में घुस आया है जिसके कारण गांव के  लोग अपने जरूरी सामानों ,पालतू जानवरों के साथ खुद को सुरक्षित करने की गरज ने इन्हें गांव छोड़ने को मजबूर कर दिया है। इनकी माने तो पानी बहुत हो जाने से दिक्कत हो रही है। 10 दिनों से पानी आ रहा है। सब गोरु माल (पालतू जानवर) डूब गए है। प्रशासन केवल नाव की व्यस्था किया है। इधर प्रशासन कभी देखने नही आया। जो आते भी है वो चट्टी पर से ही देखकर चले जातें है। ऐसे ही अपनी व्यस्था करके खाते पीते है। राशन अभी भिगा नही है बचाकर थोड़ा रखे है। कितना खोप और दीवाल गिर गया है घर भस गया है। प्रशासन का कोई अभी देखने नही आया है..

एक खाट पर बकरियां और एक छोटे बच्चे और बगल में बैठी बुजुर्ग महिला की तस्वीरें बयान करने के लिए काफी है कि बाढ़ का पानी  इनपर किस कदर मुशीबत लेकर आया है । इनकी माने तो क्या करे जब घर ही नही है सब डूब गया है तो कहाँ रहे यही स्कूल में 10 दिनों से रह रहे है। जो रखा था वही खाते हैं। प्राधान की तरफ से कोई खाने पीने की व्यवस्था नही है। एक लड़का लेकर 2 किलो चावल ,2 किलो आटा, 1/2 किलो आलू, 100 ग्राम तेल और 200 ग्राम दाल दिया है।
प्रभावती (बाढ़ पीड़ित, स्थानीय निवासी)
बाढ़ पीड़ित गांव वालों का आरोप है कि प्रशासन का कोई नुमाइंदा उनका हाल जानने नही आया है। मगर डी.एम. की माने तो सरयू (घाघरा) नदी का जल स्तर बहुत तेजी से बढ़ा है। पानी का जो हायर लेवेंल है उससे नजदीक पहुँच कर अब स्थिर हुआ है और धीरे धीरे घटाव की ओर है। एकाएक पानी बढ़ने से बांधो में कई जगह रिसाव या खतरा उत्पन्न हो गया था। जिसको तहसील और बाढ़ की टीम कई स्थलों पर रात दिन लगातार बचाव कार्य कर रही है। ऐसे ही कई स्थलों में जो ताहिरपुर गांव भी है जहाँ बांध को लेकर कुछ खतरा हुआ था। अभी मास स्केल पर विस्थापन की स्थिति नही आई है। कुछ परिवार एक प्राइमरी स्कूल में रुका हुआ है। इस संबंध में हमने तत्काल तहसीलदार और एस.डी.एम. को निर्देशित किया है कि वो जाकर तहकीकात करे कि किन कारणों से वो परिवार यहाँ आया है या गांव में और क्या स्थिति है। तहसील की पूरी टीम इस समय जो चार 4 बाढ़ प्रभावित तहसीलें है उसमें एसडीएम,तहसीलदार,बाढ़ विभाग की टीम और पृथक से अन्य अधिकारियों के साथ बड़े पैमाने पर लगातार दौरे कर रही है। बाँसडीह तहसील के कुल 26 गाँव बाढ़ से प्रभावित है।

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